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CJP प्रवक्ता और समर्थकों की डांस पार्टी, वीडियो देख भड़के BJP नेता; ‘कॉकरोच’ बोले- ये GEN-Z का स्टाइल है | Cockroach Janata Party Celebration Sparks Debate BJP Amit Malviya



नई दिल्ली:

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता और समर्थकों की डांस पार्टी पर सियासत शुरू हो गई है. जश्न के वीडियो देख बीजेपी नेता महेश जेठमलानी भड़क गए. उन्होंने पूछा कि पार्टी के आयोजन की फंडिंग कहां से आई.  दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी छात्रों के हित के लिए कल तक आर-पार कर रही थी, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फाइट स्टार होटल में ज़ोरदार जश्न हुआ. ये जश्न सीजेपी ने की.

बीजेपी नेता ने उठाए सवाल

बीजेपी नेता महेश जेठमलानी ने सीजेपी के जश्न पर सवाल उठाए हैं. महेश जेठमलानी ने वीडियो पोस्ट कर लिखा, “सच में? CJP लीडरशिप एक होटल में जीत की पार्टी दे रही है. दिल्ली में कई दिनों तक हिंसा होने के बाद, इन तथाकथित यूथ एक्टिविस्ट ने म्यूजिक चालू किया और नाचना शुरू कर दिया. और भी गंभीर सवाल है कि इस पूरे आंदोलन के दौरान ट्रैवल, खाना, रहने की जगह, सामान और लॉजिस्टिक्स का खर्च किसने उठाया? दिल्ली को उबाल पर रखने वाले लोगों को किसने पैसे दिए?”

बीजेपी नेता अमित मालवीय ने लिखा, “दिन भर की मेहनत के बाद हर किसी को आराम करने और जश्न मनाने का हक है. लेकिन इसके लिए एक समय और जगह होती है. जब किसी आंदोलन को स्टूडेंट्स के लिए न्याय की लड़ाई के तौर पर दिखाया जाता है, जिसमें वे लोग भी शामिल हैं जिनकी आत्महत्या से मौत हुई, तो उसके नैतिक आधार के तौर पर नाचने के सीन और उसके तुरंत बाद जश्न मनाने वाली पार्टी एक अजीब सा फर्क दिखाती है. कई लोगों को यह बहुत ही बेपरवाह लगेगा, लगभग किसी के अंतिम संस्कार में नाचने जैसा, जबकि उनके नुकसान का दुख मनाने का दावा किया जा रहा हो.”

अमित ने लिखा, “पहले, विजेता दाहिया का स्टेज पर नाचते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था. अब, सौरव, रांका और दूसरों सहित दीपके के ग्रुप को जश्न मनाते हुए दिखाने वाले विजुअल्स अजीब सवाल खड़े करते हैं. इससे उन हजारों युवाओं को क्या मैसेज जाता है जो जंतर-मंतर पर यह मानकर आए थे कि वे एजुकेशनल सुधार के लिए एक गंभीर आंदोलन का हिस्सा हैं? इस देश के युवा तमाशे के नहीं, ईमानदारी के हकदार हैं.”

सीजेपी ने कहा- ये GEN-Z का स्टाइल 

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने इन आरोपों पर कहा कि हमारी पीढ़ी अलग सोच रखती है. सौरभ ने कहा, “ये GEN-Z का स्टाइल है, हमारी पीढ़ी अलग सोच रखती है. सरकार और कुछ लोग नई पीढ़ी की सोच-भाषा को नहीं समझते है. हम जितने दिन जरूरत होगी, सड़क पर आंदोलन कर सकते हैं. हम नाचते हुए भी विरोध कर सकते हैं, कोल्ड कॉफी पीते हुए भी. बदलाव की लड़ाई लड़ने के लिए हमें वैसा दिखने की जरूरत नहीं है जैसा पिछली पीढ़ियां सोचती हैं कि कोई आंदोलन होना चाहिए. इसका मतलब किसी का अपमान करना नहीं है. अंकल-आंटी शिकायत करते रहें, उन्हें हमारे साथ तालमेल बैठाना ही होगा.”

सौरभ दास ने कहा कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उनके मुताबिक, यह कोई गुप्त या आलीशान ‘सेलिब्रेशन’ नहीं था, बल्कि आंदोलन समाप्त होने के बाद मौजूद लोगों के लिए सामान्य डिनर का आयोजन था. 

उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन की प्रमुख मांगें पूरी होने पर कार्यकर्ताओं ने साथ बैठकर डिनर किया लेकिन इससे आंदोलन की फंडिंग पर कोई सवाल नहीं उठता. 

सौरभ दास ने यह भी कहा कि अगर किसी को फंडिंग पर संदेह है तो ठोस सबूत के साथ आरोप लगाए जाएं, केवल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है.

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