खबर

लता मंगेशकर ने गुस्से में गाया था शिव का 48 साल पुराना गाना, एक टेक में किया रिकॉर्ड, आज भी भोलेनाथ के भक्तों की पहली पसंद | Lata Mangeshkar sang 48-year-old song dedicated to Lord Shiva in anger recorded in single take remains Bholenath’s devotees top favorite


नई दिल्ली:

सावन शुरू होते ही भगवान शिव के भक्ति गीत हर तरफ सुनाई देने लगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज भी लोगों के दिलों पर राज करने वाले एक मशहूर शिव भक्ति गीत के पीछे एक ऐसा किस्सा छिपा है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. कहा जाता है कि जब इस गाने की रिकॉर्डिंग हुई, तब लता मंगेशकर काफी गुस्से में थीं. माहौल बिल्कुल आसान नहीं था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने ऐसा कमाल कर दिखाया कि पूरा गाना सिर्फ एक टेक में रिकॉर्ड हो गया. यही वजह है कि 48 साल बाद भी ये गीत सावन आते ही हर किसी की प्लेलिस्ट में जरूर सुनाई देता है.

इस गाने के पीछे छिपा था दिलचस्प किस्सा

ये किस्सा राज कपूर की साल 1978 में आई फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम के टाइटल सॉन्ग का है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज कपूर पहले चाहते थे कि फिल्म का संगीत लता मंगेशकर के भाई पंडित हृदयनाथ मंगेशकर तैयार करें. बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को दे दी. इस फैसले से लता मंगेशकर नाराज हो गई थीं. कहा जाता है कि उन्होंने पहले फिल्म के लिए गाना गाने से भी मना कर दिया था.

ये भी पढ़ें- गुलजार ने “मौत” पर लिखी कविता, अमिताभ बच्चन की आवाज से पिरोया, बन गया 55 साल पुरानी फिल्म का आइकॉनिक सीन

स्टूडियो पहुंचीं और एक टेक में कर दिया कमाल

Lata Mangeshkar, Satyam Shivam Sundaram, Zeenat Aman,Shashi Kapoor

बाद में राज कपूर ने लता मंगेशकर को समझाया और वो रिकॉर्डिंग के लिए तैयार हो गईं. स्टूडियो पहुंचने के बाद उन्होंने पहले गाने के बोल देखे, थोड़ी देर रिहर्सल की और फिर माइक के सामने खड़ी हो गईं. जैसे ही रिकॉर्डिंग शुरू हुई, उन्होंने पूरा गाना एक ही बार में गा दिया. दोबारा रिकॉर्डिंग की जरूरत ही नहीं पड़ी. स्टूडियो में मौजूद लोग भी उनकी आवाज और परफॉर्मेंस देखकर दंग रह गए.

आज भी सावन में सबसे ज्यादा बजता है ये गीत

सत्यम शिवम सुंदरम का ये टाइटल सॉन्ग रिलीज होते ही लोगों के दिलों में बस गया था. पंडित नरेंद्र शर्मा के लिखे बोल, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत और लता मंगेशकर की जादुई आवाज ने इसे हमेशा के लिए यादगार बना दिया. आज भी सावन, महाशिवरात्रि और शिव पूजा के दौरान ये गीत सबसे ज्यादा बजने वाले भक्ति गीतों में शामिल है. यही वजह है कि इतने साल बाद भी इसकी लोकप्रियता बिल्कुल कम नहीं हुई है.

ये भी पढ़ें- सनी देओल की 6 फिल्में, जिन्हें 26 साल के करियर में मिली A रेटिंग, बिना कट के बटवारा 1947 बनी सातवीं




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button