
IPS दिव्या तंवर भारतीय पुलिस सेवा के सबसे युवा और जुझारू अफसरों में से एक हैं. दिव्या की सक्सेस स्टोरी उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की एक किरण है, जो पारिवारिक तंगहाली और मुश्किल हालात के आगे घुटने टेक देते हैं. एनडीटीवी से खास बातचीत के दौरान दिव्या तंवर की मां बबीता तंवर ने अपनी बेटी के संघर्ष, मणिपुर कैडर में IPS बनने के सफर, नए घर के सपने और शादी की तैयारियों को लेकर कई बातें शेयर कीं.
अपनी बेटी की इस असाधारण सफलता पर बात करते हुए मां बबीता तंवर की आंखें छलक आती हैं. वे कहती हैं, “सब ईश्वर का आशीर्वाद और बेटी की जी तोड़ मेहनत का फल है. उसने पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं छोड़ी. आज वह मणिपुर में बतौर आईपीएस तैनात हैं. मैं बहुत पढ़ी-लिखी तो नहीं हूं, इसलिए मुझे उसकी आधिकारिक रैंक और पद का सटीक नाम तो नहीं पता, लेकिन इतना गर्व से जानती हूं कि मेरी बेटी मणिपुर पुलिस में देश की सेवा कर रही है.”

आईपीएस दिव्या तंवर और उनकी मां बबीता तंवर.
सिलाई की, मजदूरी की, पर बच्चों के कदम थमने नहीं दिए
बबीता तंवर ने उस दौर को याद किया जब दुखों का पहाड़ उन पर टूटा था. वे बताती हैं, “साल 2011 में जब मेरे पति का साया सिर से उठा, तो दिव्या, उसकी छोटी बहन तनीषा और छोटे भाई भवानी की पूरी जिम्मेदारी मेरे अकेले के कंधों पर आ गई. मैं खुद भले ही ज्यादा नहीं पढ़ सकी, लेकिन बच्चों के लिए शिक्षा का महत्व जानती थी. बच्चों के स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई न रुके, इसके लिए मैंने दूसरों के कपड़े सीए, मजदूरी की और कड़ी धूप में पसीना बहाया. हम सब एक छोटे से कमरे के मकान में रहते थे. पति के जाने के बाद मिलने वाली विधवा पेंशन का एक-एक रुपया मैंने बच्चों की फीस और राशन में लगा दिया. दिव्या भी अपनी मां का दर्द समझती थी, उसने छोटी उम्र से ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाया.”

आईपीएस दिव्या तंवर ने घर पर एक कमरे में रहकर यूपीएससी की तैयारी की.
दिव्या तंवर के लिए आ रहे रिश्ते, पहले बनाएंगे नया घर
बेटी के अफसर बनने के बाद अब इस परिवार के दिन बदल रहे हैं. मां बबीता बताती हैं कि दिव्या के नौकरी में आने के बाद अब वे अपने भूखंड पर नया घर बनवाने की योजना बना रहे हैं. सालों से एक छोटे से कमरे में जिंदगी काटने के बाद, अब नया आशियाना बनने की खुशी पूरे परिवार के चेहरे पर दिखती है. उन्होंने बताया, “नया घर बनते ही हम दिव्या की शादी करेंगे. उसके लिए कई अच्छे रिश्ते आ रहे हैं, लेकिन अभी कोई रिश्ता पक्का नहीं किया है. शादी पूरी तरह दिव्या की पसंद और परिवार की रजामंदी से ही होगी.”

Diya Tanwar AIR 438 UPSC CSE 2021
हरियाणा के छोटे से गांव निंबी की पहली IPS बेटी!
मणिपुर कैडर की आईपीएस अधिकारी दिव्या तंवर मूल रूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव ‘निंबी’ की रहने वाली हैं. एक क्षत्रिय परिवार से ताल्लुक रखने वाली दिव्या तंवर अपने गांव की संभवतया पहली महिला IPS अधिकारी हैं. गांव के उसी एक छोटे से कमरे में रात-दिन पढ़ाई करके दिव्या ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास की और फिर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली आ गईं. उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2021 में ऑल इंडिया 438वीं रैंक हासिल कर यह मुकाम हासिल किया.

ips divya tanwar current posting, SP Noney Manipur
दिव्या तंवर की वर्तमान पोस्टिंंग

ips divya tanwar success story
मां को घुमाया मणिपुर, छोटे भाई-बहन भी राह पर
बबीता तंवर ने गर्व से बताया कि बेटी दिव्या उन्हें मणिपुर घुमाने ले गई थी, जहां वे हाल ही में उसके पास एक महीना रहकर आई हैं. दिव्या भी छुट्टियों में घर आई हुई थी और कुछ दिनों पहले ही ड्यूटी पर वापस लौटी है. अब परिवार को उसके दीवाली पर घर आने का इंतजार है. दिव्या का संघर्ष उसके भाई-बहनों के लिए भी प्रेरणा बन गया है. उनकी छोटी बहन तनीषा बीएससी कर चुकी हैं और अब दिव्या की ही तरह यूपीएससी की तैयारी करने जा रही हैं, जबकि छोटा भाई अभी कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है.
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