
How to worship Guru on Guru Purnima: आषाढ़ मास के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ी पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. यह पावन तिथि जीवन का सही मार्ग दिखाने वाले गुरु की पूजा के लिए समर्पित है. हिंदू मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा और उनसे ली जाने वाली दीक्षा का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. यदि आपके जीवन में अब तक कोई धार्मिक या आध्यात्मिक गुरु नहीं है या फिर आपका अपने गुरु के पास पहुंचना मुश्किल है, तो फिर गुरु पूर्णिमा पर आखिर कैसे करनी चाहिए उनकी पूजा? आइए गुरु पूजा से जुड़े महाउपाय को विस्तार से जानते हैं.
जब न पहुंच पाएं गुरु स्थान तो ऐसे करें पूजा
हिंदू मान्यता के अनुसार यदि किसी व्यक्ति अपने गुरु स्थान पर जाकर गुरु की पूजा करने में मुश्किलें आ रही हों तो वह अपने घर में भी इस पूजा को पूरे विधि-विधान से कर सकता है. आप तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल के जरिए दूर बैठे हुए गुरु का दर्शन कर सकते हैं. यदि नेटवर्क या फोन न हो तो आप अपने गुरु के चित्र की पूजा उनका ध्यान करते हुए करें.
यदि ब्रह्मलीन हो गये हों गुरू तो क्या करें?

हिंदू मान्यता के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के गुरु ब्रह्मलीन हो चुके हों तो उन्हें उनके चित्र या मूर्ति की पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करनी चाहिए. यदि आपके पास उनकी मूर्ति ओर चित्र न हो तो आप उनकी चरण पादुका की विधि-विधान से फल-फूल और भोग आदि को अर्पित करते हुए पूजा का पूरा पुण्यफल प्राप्त कर सकते हैं.
अगर जीवन में कोई गुरु न हो तो किसकी करें पूजा?
हिंदू मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर गुरु की विशेष पूजा का विधान है. गुरु पूजा की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, लेकिन सवाल उठता है कि यदि किसी ने अब तक अपना कोई गुरु न बनाया हो तो वह आखिर किसकी पूजा करे? हिंदू मान्यता के अनुसार यदि जीवन में गुरु न हो तो व्यक्ति को महषि वेदव्यास जी या फिर भगवान श्री कृष्ण अथवा अपने आराध्य देवी-देवता की पूजा करना चाहिए.
गुरु पूर्णिमा के उपाय

- गुरु पूर्णिमा के दिन किसी जलतीर्थ पर जाकर स्नान-दान और ध्यान करना चाहिए.
- गुरु पूर्णिमा का पुण्यफल पाने के लिए साधक को अपने गुरु की तन-मन-धन से सेवा करनी चाहिए.
- गुरु पूर्णिमा वाले दिन गुरु पूजन करने के बाद गुरू के सत्संग और प्रवचन का लाभ प्राप्त करना चाहिए.
Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा पर कैसे करें अपने गुरु का पूजन? जानें सही विधि और नियम
- गुरु पूर्णिमा वाले दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार अन्न, भोजन एवं जल वितरित करवाना चाहिए.
- हिंदू मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा वाले दिन यदि कोई व्यक्ति अपने गुरु या भगवान को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में बांटता है तो उसकी कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होकर सुख-सौभाग्य प्रदान करता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)





