
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में 16 दिनों के सूखे के बाद बदरा ऐसे बरसे कि चंद घंटों में ही हर तरफ पानी-पानी हो गया. मंगलवार देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश सुबह तक लगातार जारी रही. इस बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी, लेकिन कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए.
भोपाल-सागर हाईवे-19 पर निर्माणाधीन पुल का हिस्सा धंस गया और डायवर्जन बह जाने से रास्ता बंद हो गया. जिले के कई नदी-नाले उफान पर आ गए, जिससे कई रास्ते बंद हो गए. तहसील बरेली के निकट घोघरा नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से खेतों में काम कर रहे 9 मजदूर फंस गए.
होमगार्ड की त्वरित कार्रवाई
जिला प्रशासन की त्वरित पहल पर होमगार्ड की डिजास्टर रेस्क्यू टीम (DRC) बरेली को मौके पर भेजा गया. डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट उमेश कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में प्रभारी नायक परसराम मेहरा, सैनिक विजय सिंह, राजेश शर्मा, जीवन सिंह ठाकुर, ब्रजेन्द्र राजपूत और शम्भूप्रसाद की टीम ने उफनते नाले के बीच से सभी 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
बचाए गए सभी व्यक्ति छिंदवाड़ा जिले के निवासी हैं. इनमें मोहनवती (20), मोनिस (18), प्रमिला (18), लक्ष्मण्या (45), सविता (34), सुखराम (30), रामकुमार (24), शंकर (30) और रोहित (25) शामिल हैं. सभी ने होमगार्ड टीम का आभार जताया.
किसानों में खुशी की लहर
पिछले करीब 15 दिनों से बारिश न होने के कारण खेतों में दरारें पड़ गई थीं और धान की फसल मुरझाने लगी थी. मौसम विभाग के अलर्ट के बीच हुई इस झमाझम बारिश से सूखे धान के खेत पानी से लबालब भर गए. भोपाल रोड समेत कई इलाकों में एक से डेढ़ फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे सदलतपुर घाटी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में खूबसूरत प्राकृतिक झरने बहने लगे.
पानी की पूर्ति होते ही किसानों ने धान की रोपाई का काम फिर से शुरू कर दिया है. किसानों का मानना है कि यह बारिश फसल के लिए संजीवनी साबित होगी और इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ाएगी.
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