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पहले साल सर्टिफिकेट, फिर डिप्लोमा और आखिर में डिग्री, क्या होते हैं बैचलर ऑफ वोकेशन कोर्स? | Bachelor of Vocation courses application process and important details



Bachelor of Vocation courses : अगर आप 12वीं के बाद ऐसा कोर्स करना चाहते हैं, जिससे पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी के बेहतर मौके भी मिलें, तो बैचलर ऑफ वोकेशन (B.Voc) आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. यह तीन साल का ग्रेजुएशन (UG) कोर्स है, जिसे खासतौर पर छात्रों को इंडस्ट्री के लिए तैयार करने के मकसद से डिजाइन किया गया है. ट्रेडिशनल डिग्री कोर्स की तुलना में इसमें थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जाता है. यही वजह है कि आज के समय में B.Voc कोर्स की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.

क्या है B.Voc कोर्स?

बैचलर ऑफ वोकेशन (Bachelor of Vocation – B.Voc) एक UGC मान्यता प्राप्त 3-ईयर ग्रेजुएशन डिग्री है. यह कोर्स स्किल इंडिया मिशन और रोजगार-केंद्रित शिक्षा की सोच को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें पढ़ाई का लगभग 40% हिस्सा थ्योरी और 60% हिस्सा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर आधारित होता है. छात्रों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री विजिट, वर्कशॉप और प्रोजेक्ट्स के जरिए असली कार्य अनुभव भी दिया जाता है, ताकि वे पढ़ाई पूरी करते ही नौकरी के लिए तैयार हों.

पहले सर्टिफिकेट, फिर डिप्लोमा और आखिर में डिग्री

B.Voc कोर्स की सबसे बड़ी खासियत इसका मल्टीपल एग्जिट सिस्टम है, जहां – 

पहला साल पूरा करने पर सर्टिफिकेट मिलता है.

दूसरे साल के बाद डिप्लोमा या एडवांस डिप्लोमा दिया जाता है.

तीन साल पूरे करने पर B.Voc की डिग्री मिलती है.

इस व्यवस्था का फायदा यह है कि अगर किसी कारणवश छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ता है, तो उसकी पढ़ाई पूरी तरह बेकार नहीं जाती और उसे उस स्तर के अनुसार सर्टिफिकेट मिल जाता है.

कौन कर सकता है B.Voc?

इस कोर्स में एडमिशन के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है. इसके लिए साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स तीनों स्ट्रीम के छात्र अप्लाई कर सकते हैं. कई यूनिवर्सिटीज ITI या डिप्लोमा होल्डर्स को भी लेटरल एंट्री का मौका देते हैं. कुछ संस्थानों में एडमिशन मेरिट के आधार पर होता है, जबकि कुछ यूनिवर्सिटीज CUET या अपने एंट्रेंस एग्जाम के जरिए एडमिशन देते हैं.

किन-किन क्षेत्रों में कर सकते हैं B.Voc?

B.Voc में कई रोजगार-केंद्रित स्पेशलाइजेशन उपलब्ध हैं. इनमें प्रमुख हैं –

  • सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट
  • इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT)
  • हेल्थकेयर मैनेजमेंट
  • रिटेल मैनेजमेंट
  • फैशन डिजाइन
  • हॉस्पिटैलिटी
  • डिजिटल मार्केटिंग
  • टूरिज्म

छात्र अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार इनमें से किसी भी क्षेत्र को चुन सकते हैं.

नौकरी के क्या हैं अवसर?

B.Voc पूरा करने के बाद छात्र कई क्षेत्रों में नौकरी पा सकते हैं. वे कंप्यूटर ऑपरेटर, अकाउंटेंट, ब्यूटीशियन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट इंजीनियर, ऑटोमोबाइल इंजीनियर, रिसर्च साइंटिस्ट, फूड टेक्नोलॉजिस्ट और वोकेशनल टीचर जैसी भूमिकाओं में काम कर सकते हैं.

देश की कई बड़ी कंपनियां जैसे अमूल, हुंडई, हीरो मोटोकॉर्प, टोयोटा, रेनॉल्ट और एलएंडटी ऐसे स्किल्ड उम्मीदवारों की भर्ती करती हैं. अगर आपका लक्ष्य सिर्फ डिग्री लेना नहीं, बल्कि कम समय में स्किल्स सीखकर करियर की मजबूत शुरुआत करना है, तो B.Voc कोर्स आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है.

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