
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव-2026 के प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा. दलित बस्ती में जनसंपर्क के समय एक स्थानीय युवक ने उनसे सीधे और तीखे सवाल पूछे, जिससे माहौल momentarily तनावपूर्ण हो गया. यह घटना उपचुनाव को और अधिक रोचक बनाती नजर आ रही है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जीतू पटवारी भाजपा पर निशाना साधते हुए कह रहे थे कि पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को भाजपा ने जेल भिजवाया है. इस बयान पर मौजूद युवक ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए पूछा, “क्या राजेंद्र भारती मुलजिम नहीं थे? इसलिए तो जेल गए होंगे?” युवक के इस सवाल ने पटवारी की बात को सीधे चुनौती दी.
युवक ने रुकते नहीं हुए आगे कहा कि “कांग्रेस तो राजा-महाराजाओं की पार्टी है.” इस टिप्पणी के बाद आसपास की भीड़ में हलचल मच गई और कुछ देर के लिए प्रचार कार्यक्रम ठप्प सा हो गया. जीतू पटवारी ने इस पर कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया और “जय भीम” का नारा लगाते हुए आगे बढ़ गए.
मतदाताओं का सीधा संवाद, चुनावी माहौल गर्म
दतिया उपचुनाव में यह घटना आम मतदाताओं द्वारा नेताओं से सवाल पूछने की बढ़ती प्रवृत्ति को बता रहा है. पहले भी कई जगहों पर प्रत्याशियों और वरिष्ठ नेताओं को स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों, बेरोजगारी और जातीय समीकरणों पर सवालों का सामना करना पड़ा है. मतदाता अब तैयारशुदा भाषणों से आगे जाकर जवाब मांग रहे हैं.
कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना चुकी हैं. भाजपा ने अपने संगठनात्मक ताकत का पूरा जोर लगाया हुआ है, जबकि कांग्रेस जीतू पटवारी के नेतृत्व में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों को साधने की कोशिश कर रही है. राजेंद्र भारती प्रकरण को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है.
जनसंपर्क तेज, मुकाबला दिलचस्प
दतिया में वरिष्ठ नेताओं के लगातार दौरे हो रहे हैं. भाजपा की ओर से केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेता क्षेत्र में सक्रिय हैं, वहीं कांग्रेस भी अपनी पूरी मशीनरी उतार चुकी है. स्थानीय मुद्दों जैसे जल संकट, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर बहस छिड़ी हुई है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे छोटे-छोटे संवाद और घटनाएं अंतिम मतदाता के मन को प्रभावित करती हैं. दलित बस्ती में हुई यह घटना कांग्रेस के लिए चेतावनी का संकेत भी हो सकती है, क्योंकि युवा वर्ग अब पारंपरिक राजनीति से ऊपर उठकर जवाबदेही मांग रहा है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने हालांकि घटना को सामान्य बताया है और कहा कि प्रचार पूरे जोरों पर जारी रहेगा.
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