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30 साल पुराना गाना, 22 साल की करिश्मा कपूर के हिंदुस्तानी अंदाज ने दिया था 90s का सुपरहिट सॉन्ग, कविता कृष्णामूर्ति की आवाज से बना अमर | 30 year old song 22 year old karisma Kapoor hindustani look rendered the 90s superhit song kavita krishnamurthy voice made it classic



90 के दशक में बॉलीवुड में कई ऐसे गाने बने, जो रिलीज के बाद लोगों की जुबान पर चढ़ गए. इन गानों की खासियत सिर्फ इनका संगीत नहीं, बल्कि पर्दे पर कलाकारों का अंदाज और गायकों की आवाज भी थी. ऐसा ही एक गाना करिश्मा कपूर की फिल्म ‘बाल ब्रह्मचारी’ का है. साल 1996 में आई इस फिल्म के गाने ‘नजरे लड़ गईयां लुट गई मैं सैंया’ ने दर्शकों का खूब ध्यान खींचा था. इस गाने में करिश्मा का हिंदुस्तानी अंदाज और कविता कृष्णामूर्ति की आवाज ने मिलकर ऐसा रंग जमाया कि गाना आज भी याद किया जाता है. 

करिश्मा कपूर के अंदाज ने जीता दिल

करिश्मा कपूर 90 के दशक की उन अभिनेत्रियों में शामिल थीं, जिन्होंने अपनी फिल्मों और गानों से दर्शकों के बीच खास जगह बनाई. फिल्म ‘बाल ब्रह्मचारी’ में उनका अंदाज भी काफी अलग था. ‘नजरे लड़ गईयां लुट गई मैं सैंया’ गाने में करिश्मा पारंपरिक भारतीय लुक में नजर आई थीं. उनके पहनावे, चेहरे के भाव और नृत्य ने गाने को खास बना दिया था. गाने में करिश्मा का देसी अंदाज उस दौर के दर्शकों को खूब पसंद आया. उनकी अदाएं और गाने की धुन एक दूसरे के साथ अच्छी तरह मेल खाती थीं. यही वजह है कि यह गाना फिल्म के बाकी गानों से अलग पहचान बनाने में सफल रहा.

कविता कृष्णामूर्ति की आवाज ने बनाया खास

इस गाने को कविता कृष्णामूर्ति ने अपनी आवाज दी थी. उनकी आवाज में एक अलग मिठास और दमदार अंदाज था, जो गाने के भावों को खूबसूरती से सामने लाता है. गाने का संगीत और बोल भी इसकी लोकप्रियता की वजह बने.

कविता कृष्णामूर्ति ने हिंदी सिनेमा में कई यादगार गाने गाए हैं. उनकी आवाज 90 के दशक के संगीत की पहचान रही है. ‘नजरे लड़ गईयां लुट गई मैं सैंया’ भी उनके ऐसे गानों में शामिल है, जिसे सुनकर उस दौर की यादें ताजा हो जाती हैं.

आज भी याद किया जाता है गाना

फिल्म ‘बाल ब्रह्मचारी’ साल 1996 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में करिश्मा कपूर के साथ अक्षय खन्ना भी नजर आए थे. फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई, लेकिन इसका यह गाना अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहा. आज भी पुराने हिंदी गानों की चर्चा होती है, तो करिश्मा कपूर का यह गाना याद आता है. इसकी धुन, कविता कृष्णामूर्ति की आवाज और करिश्मा का पारंपरिक अंदाज इसे 90 के दशक के यादगार गानों में शामिल करते हैं.

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