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होर्मुज में टोल का विरोध करता आया अमेरिका अब खुद करेगा 20% की वसूली! ट्रंप के पुराने बयान खुद पढ़िए | US will now collect 20% toll in hormuz in past statements trump says for free hormuz then why changed



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अक्सर होर्मुज को खुला रखने पर जोर देते रहे हैं. मगर आज उन्होंने खुद कहा कि वे जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों की नाकेबंदी फिर से लागू करेंगे, जिसमें अमेरिका इसके “संरक्षक” की भूमिका निभाएगा और वहां से गुजरने वाले किसी भी अन्य जहाज से शुल्क वसूलेगा.ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले तटीय इलाकों से आगे बढ़ गए हैं, क्योंकि ईरान ने अमेरिका के सहयोगियों को निशाना बनाया है. ईरानी सेना का कहना है कि तनावपूर्ण वीकेंड के बाद क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा बढ़ गया है.

ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “अब से U.S.A. को ‘होर्मुज जलडमरूमध्य का संरक्षक’ (Guardian of the Hormuz Strait) माना जाएगा. साथ ही, निष्पक्षता के नाते, दुनिया के इस बेहद संवेदनशील इलाके में सुरक्षा और हिफाजत का काम करने में आने वाले सभी जरूरी खर्चों की भरपाई के लिए, वहां से भेजे जाने वाले सभी कार्गो पर 20% की दर से शुल्क लिया जाएगा.”

मगर ये ट्रंप के अपने ही बयानों से मैच नहीं करता. जब जंग शुरू हुई तो ईरानी सेना ने होर्मुज को ब्लॉक करना शुरू कर दिया. इसके बाद ट्रंप की शर्तों में सबसे पहली शर्त यही होती थी कि होर्मुज को ईरान खोल दे. पढ़िए ट्रंप के खुद अपने ट्रूथ सोशल से क्या-क्या लिखा था… 

  • 14 जून, 2026: ट्रंप ने ईरान के साथ एक समझौते के पूरा होने का ऐलान किया, जिसके तहत “होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी शुल्क के खोलने” और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने की मंजूरी दी गई. साथ ही यह संदेश भी दिया गया: “तेल की आपूर्ति जारी रहने दें!”
  • 12 अप्रैल,2026: ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी शुरू कर देगी और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों को रोकेगी, जिन्होंने ईरान को टोल का भुगतान किया है. ट्रंप ने यह बात ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट में तब कही, जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई थी. ट्रंप ने कहा कि बैठक “अच्छी रही, ज्यादातर बिंदुओं पर सहमति बनी,” लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सहमत नहीं हो पाए.
  • 9 अप्रैल, 2026: ट्रंप ने ईरान को जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) खुला रखने की चेतावनी दी और कहा कि अगर वे ऐसा करने में नाकाम रहे, तो “गोलीबारी शुरू हो जाएगी.”
  • 5 अप्रैल, 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपशब्दों से भरी एक पोस्ट की, जिसमें उन्होंने ईरान को धमकी दी कि अगर वह मंगलवार तक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को सभी जहाजों के लिए फिर से खोलने की उनकी समय-सीमा का पालन नहीं करता है, तो वे ईरान के पावर प्लांट और पुलों को नष्ट कर देंगे.
  • 21 मार्च, 2026: ट्रंप ने धमकी दी कि अगर 48 घंटों के अंदर जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को पूरी तरह से नहीं खोला गया और खतरों से मुक्त नहीं किया गया, तो ईरान के पावर प्लांट पर हमला करके उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा.

क्यों कर रहे ट्रंप ऐसा

सवाल उठता है कि क्या ट्रंप क्या अब होर्मुज पर कब्जा चाहते हैं? जवाब है हां. अगर ट्रंप होर्मुज पर कब्जा कर लेते हैं तो वो दुनिया को अपनी जीत का दावा कर सकेंगे. साथ ही ईरान पर भी समझौता करने के लिए दबाव डाल सकते हैं. अभी के हिसाब से अगर समझौता हो भी जाता है तो ट्रंप को पूरा क्रेडिट नहीं मिलेगा. ईरान पहले से ही खुद को विजेता के तौर पर दिखा और बता रहा है. साथ ही ट्रंप कारोबारी भी हैं. तो अगर होर्मुज पर कब्जे की जंग में युद्ध लंबी भी चलती है तो अमेरिका यहां से टोल वसूलकर उसकी भरपाई करता रहेगा. इससे ट्रंप पर अमेरिका के अंदर तो दबाव कम होगा ही, दूसरे देश भी अमेरिका से डरेंगे. कारण होर्मुज के जरिए ही पूरी दुनिया को तेल और गैस की ज्यादातर सप्लाई अब तक होती आई है.  

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