
लखनऊ:
बीजेपी छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले सिनोद शाक्य को यूपी बीजेपी की कार्यसमिति में प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बना दिया गया है.
आज शाम बीजेपी ने यूपी कार्यसमिति सदस्यों की लिस्ट जारी की है. इसमें 548 सदस्यों को चुना गया है. इसी लिस्ट में 88वें नंबर पर सिनोद शाक्य का नाम भी है, जो बदायूं से हैं और कुछ दिनों से बीजेपी से नाराज चल रहे थे.
इसके बाद सोमवार सुबह ही सिनोद शाक्य ने बीजेपी छोड़ दी और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सिनोद शाक्य ने सपा की सदस्यता ली. बीजेपी को शायद इसकी भनक नहीं लगी और शाम को जारी लिस्ट में उनका नाम कार्यसमिति के सदस्य के तौर पर घोषित कर दिया. मुमकिन है कि इस गलती को लेकर बीजेपी जल्द सुधार करेगी.

सपा में वापसी की कहानी भी दिलचस्प
सिनोद शाक्य की सपा में वापसी की कहानी भी दिलचस्प है. 2007 और 2012 में सिनोद बीएसपी से बदायूं की दातागंज सीट से विधायक बने. इसके बाद 2017 में वो चुनाव हार गए.
साल 2022 के चुनाव में वो सपा में शामिल हुए लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया. बाद में सपा ने उन्हें एमएलसी का टिकट दे दिया. सपा के टिकट पर नामांकन करने के बाद सिनोद शाक्य ने नाम वापसी के दिन चुपचाप अपना नाम वापस ले लिया. नतीजा ये हुआ कि बीजेपी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए.
सपा को सिनोद के धोखे का अपमान का घूंट पीकर रह जाना पड़ा. सिनोद ने भी सपा छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया.
अब एक बार फिर 2027 के चुनाव से पहले सिनोद ने बीजेपी छोड़ सपा में शामिल होने का फैसला ले लिया. हैरानी तब हुई जब सपा ने उनकी घर वापसी करा भी दी.





