
शिमला में नीट पेपर लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई में कैंडल मार्च निकाला गया. इंदिरा गांधी खेल परिसर से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च मॉल रोड होते हुए रिज मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा. मार्च में बीजेपी को छोड़ अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. नीट पेपर लीक प्रकरण और इससे जुड़े घटनाक्रमों के बीच जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि दे ने के लिए आयोजित इस कैंडल मार्च में दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई.
नीट पेपर लीक में जान गवांने वाले विद्यार्थियों के लिए की श्रद्धांजलि अर्पित
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट पेपर लीक के सदमे से जान गंवाने वाले विद्यार्थियों की आत्मा की शांति के लिए सभी ने मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित की है. छात्र न्याय की मांग कर रहे थे, उनके ऊपर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए था. सरकार ने लाठीचार्ज करवा कर लोकतंत्र की हत्या की. हिमाचल की जनता दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ खड़ी थी. वह केंद्र से मांग करते है कि जिन छात्रों ने नीट पेपर लीक होने के वजह से अपनी जान दी उनको एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए.
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धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा के बाद भी विपक्ष सरकार पर हमलावर
बार-बार नीट पेपर लीक होने की वजह क्या कर रही इसका जवाब भी केंद्र को देना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर छात्रों और युवाओं के हित सर्वोपरि हैं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है.
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