

Bihar News:
बिहार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है,राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी के बड़े नेता और वैशाली के पूर्व एमएलसी सुबोध राय को झारखंड में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. मामला बेहद चौंकाने वाला है, क्योंकि माननीय रह चुके सुबोध राय पर रांची में अवैध और नकली शराब बनाने का गंभीर आरोप लगा है. यह पूरी कार्रवाई झारखंड पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने रांची के ओरमांझी इलाके में स्थित ‘तरंगनी लिकर्स’ नाम की फैक्ट्री में की है. इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों के भी होश उड़ गए, जब वहां से 303 पेटी अवैध विदेशी शराब बरामद हुई.
आरोप है कि इस प्लांट के अंदर सस्ती और मिलावटी शराब बनाई जा रही थी और उस पर नामी-गिरामी विदेशी ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर महंगे दामों पर दिल्ली, यूपी और बिहार में खपाया जा रहा था.
कौन हैं सुबोध राय
आपको बता दें कि सुबोध राय को लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का बेहद करीबी माना जाता है. वह साल 2016 से लेकर 2022 तक वैशाली सीट से आरजेडी के सिटिंग एमएलसी रह चुके हैं. हालांकि, साल 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. बताया जा रहा है कि राजनीतिक जीवन में आने से पहले भी वह शराब के धंधे से जुड़े हुए थे. पुलिस ने इस मामले में सुबोध राय के साथ उनके ड्राइवर और एक कर्मचारी को भी दबोचा है.
सुबोध राय की बॉटलिंग प्लांट की जांच
गिरफ्तार पूर्व एमएलसी सुबोध राय पर वैशाली पुलिस ने भी शिकंजा कस दिया है. वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि सुबोध राय की गिरफ्तारी के बाद एक टीम गठित की गई है जो सुबोध राय के ऊपर दर्ज मामलों की जांच करेगी. साथ ही उन्होंने बताया कि झारखंड में सुबोध राय का बॉटलिंग प्लांट था लिहाजा बिहार में शराब तस्करी से जुड़े मामलों की भी गहनता से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराबबंदी वाले बिहार में सुबोध राय के बॉटलिंग प्लांट से शराब की तस्करी तो नहीं हुई है. एसपी ने साफ साफ कहा कि पूर्व एमएलसी के ऊपर पहले से दर्ज मामलों की समीक्षा भी की जाएगी और अगर शराब तस्करी से जुड़े किसी मामले में सुबोध राय की भुमिका दिखी तो फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बता दे कि रांची में गिरफ्तारी के बाद सुबोध राय के वैशाली के ग़ोरौल थाना क्षेत्र स्थित पोझा गांव में और ग़ोरौल स्थित इनका शारब फैक्ट्री था. जहां अब फ्लावर मिल है उसमें सन्नाटा पसरा हुआ है. गांव में कुछ भी लोग बोलने को तैयार नहीं है जबकि आटा मिल भी सुनसान पड़ा हुआ है.
हैरानी की बात यह है कि इसी शराब फैक्ट्री पर साल 2023 में भी छापा मारा गया था, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध धंधा धड़ल्ले से दोबारा चालू हो गया. फिलहाल पुलिस ने सुबोध राय को कोर्ट में पेश करने के बाद सीधे जेल भेज दिया है और उनके इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में बिहार और झारखण्ड की पुलिस जुट गई है.
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