
अगर आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है, तो राधा अष्टमी का दिन तुलसी लाने के लिए शुभ माना जाता है. पौधा घर लाने के बाद उसकी नियमित देखभाल करें. श्रीकृष्ण और राधा रानी की कृपा बनी रहती है.

जिन लोगों के विवाह में देरी या किसी तरह की बाधा आ रही है, वे राधा अष्टमी पर राधा रानी की पूजा के दौरान श्रद्धापूर्वक ‘ॐ ह्रीं श्री राधिकायै नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार राधा रानी की भक्ति और मंत्र जाप से विवाह संबंधी मनोकामना के लिए आशीर्वाद प्राप्त होता है.

राधा अष्टमी पर मोर पंख के साथ चांदी की पायल या बिछिया खरीदने की भी धार्मिक मान्यता है. पूजा के दौरान इन चीजों को राधा रानी के चरणों से स्पर्श कराकर सुहागिन महिला को उपहार में दिया जा सकता है या स्वयं धारण किया जा सकता है. मान्यता है कि इससे सौभाग्य और दांपत्य सुख की कामना की जाती है.

प्रेम जीवन से जुड़ी मनोकामना के लिए राधा अष्टमी पर भोजपत्र लें और उस पर चंदन से अपने प्रिय व्यक्ति का नाम लिखें. इसे राधा रानी के चरणों में अर्पित कर प्रेम संबंध में सुख, विश्वास और मधुरता की प्रार्थना करें. यह उपाय लोक-मान्यता पर आधारित है.

राधा अष्टमी पर राधा-कृष्ण मंदिर में केले या अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्य फलों का दान करना भी शुभ माना जाता है. यदि दांपत्य जीवन में तनाव या पति-पत्नी के बीच मतभेद चल रहे हों, तो राधा-कृष्ण से संबंधों में प्रेम, शांति और मधुरता की प्रार्थना करते हुए फल दान किया जा सकता है.
Published at : 17 Sep 2026 10:58 AM (IST)
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