

ग्रूमिंग गैंग के खूंखार मास्टरमाइंड और 12 साल की मासूम बच्चियों के गुनहगार शबीर अहमद उर्फ ‘डैडी’ को वापस लेने के नाम पर पाकिस्तान ने ब्रिटेन के सामने बेहद अटपटी शर्त रख दी है. पाकिस्तान का कहना है कि वह इस चाइल्ड रेपिस्ट को अपने देश वापस बुलाने को तैयार है, लेकिन इसके बदले ब्रिटेन को उसके देश के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के आलोचकों और राजनीतिक विरोधियों को गिरफ्तार करके इस्लामाबाद के हवाले करना होगा.
ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ और द ड्रॉप साइट की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन ने 73 साल के शबीर अहमद को जेल से रिहा होने के बाद डिपोर्ट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी. पहले तो पाकिस्तान यह कहकर पल्ला झाड़ रहा था कि शबीर ने बहुत पहले अपनी नागरिकता छोड़ दी थी. लेकिन अब इस्लामाबाद इस मुद्दे पर अनैतिक डील करने की बातें कर रहा है.
पाकिस्तान ने साफ कहा है कि ब्रिटेन को उसकी मांगों को तवज्जो देनी होगी. इस्लामाबाद ने ब्रिटेन में रह रहे पूर्व पीएम इमरान खान के पूर्व कैबिनेट मंत्री शहजाद अकबर, पूर्व सैन्य अधिकारी व पत्रकार आदिल राजा और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन की सुपुर्दगी की मांग रखी है.
पाकिस्तान का आरोप है कि ये लोग ब्रिटिश धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान में असंतोष फैलाने और सेना प्रमुख के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए कर रहे हैं.ब्रिटेन ने शबीर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता तो रद्द कर दी है, लेकिन ‘इमिग्रेशन एक्ट 1971’ के एक नियम के कारण उसे तुरंत पाकिस्तान नहीं भेजा जा सकता. यह कानून 1973 से पहले ब्रिटेन आए राष्ट्रमंडल नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करता है. इसी का फायदा उठाकर यह दरिंदा अब तक ब्रिटेन में रूका हुआ है.
ब्रिटेन की सख्त रुख और वीजा बैन की चेतावनी
ब्रिटिश गृह सचिव शबाना महमूद ने साफ कर दिया है कि जरूरत पड़ने पर इस पुराने कानून को बदलने के लिए आपातकालीन विधेयक लाया जाएगा. ब्रिटेन ने पाकिस्तान को यह भी संकेत दिया है कि अगर उसने अपने नागरिकों को वापस लेने में अड़ंगा डाला, तो उस पर वीजा प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं और विदेशी सहायता में कटौती की जा सकती है.
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