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राम मंदिर में एंट्री के लिए चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पास हुए वैध; ट्रस्ट में नहीं फिर क्यों हुआ ऐसा फैसला | ram mandir champat rai signed passes valid again ayodhya shri ram janmabhoomi Teerth Kshetra trust Entry Pass


अयोध्या:

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में निर्माण और रखरखाव कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम निर्णय लिया है. ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पहचान पत्र और प्रवेश-पत्र, जिन्हें हाल ही में अमान्य घोषित कर दिया गया था, अब अस्थायी रूप से फिर मान्य कर दिए गए हैं. इस फैसले से उन कर्मचारियों, अभियंताओं और तकनीकी अधिकारियों को राहत मिलेगी जो मंदिर परिसर में चल रही विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े हैं. सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक बदलावों के बीच कार्य प्रभावित होने लगे थे, जिसके चलते यह अंतरिम व्यवस्था लागू की गई है.

पुराने पहचान पत्रों को मिली अस्थायी मान्यता

मंदिर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पहचान पत्र और प्रवेश-पत्रों को अस्थायी तौर पर दोबारा मान्यता दी गई है. नई व्यवस्था लागू होने तक अधिकृत कर्मचारियों को इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. बताया गया है कि यह निर्णय पूरी तरह अंतरिम प्रकृति का है और इसका उद्देश्य केवल निर्माण एवं रखरखाव कार्यों को प्रभावित होने से बचाना है.

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर अयोध्या

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर अयोध्या
Photo Credit: Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust

निर्माण कार्यों पर पड़ रहा था असर

सूत्रों के अनुसार, पुराने पास अमान्य किए जाने के बाद राम मंदिर परिसर में चल रही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी और समन्वय प्रभावित होने लगा था. चारदीवारी, संग्रहालय, ट्रस्ट कार्यालय, विश्राम गृह और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रवेश में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. इसी स्थिति को देखते हुए ट्रस्ट ने अंतरिम व्यवस्था लागू करने का फैसला किया.

प्रशासनिक बदलावों के बीच आया फैसला

यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में हाल ही में बदलाव हुए हैं. चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर उठे विवाद के बाद मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. जांच के दौरान एफआईआर दर्ज की गई और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई.

चंपत राय और अनिल मिश्रा ने छोड़े थे पद

विवाद के बाद ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. वहीं ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी पद छोड़ दिया था. इन बदलावों के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक और प्रवेश संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू की गई थी, जिसके तहत पुराने पहचान पत्रों को अमान्य किया गया था.

नई प्रवेश व्यवस्था की तैयारी

सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट जल्द ही नई प्रवेश-पत्र व्यवस्था लागू कर सकता है. फिलहाल प्रशासनिक परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने तक पुराने पहचान पत्रों को वैध रखा जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि इससे मंदिर परिसर में चल रहे विकास और निर्माण कार्यों की गति प्रभावित नहीं होगी और सुरक्षा व्यवस्था भी सुचारु बनी रहेगी.

अधिकृत कर्मियों को राहत

इस अंतरिम फैसले से मंदिर परियोजना से जुड़े अभियंताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. अब वे बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के अपने पुराने अधिकृत पहचान पत्रों के आधार पर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे. ट्रस्ट के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने तक मंदिर परिसर में कार्यों की निरंतरता बनाए रखना प्राथमिकता है, ताकि निर्माण और विकास से जुड़े कार्य समय पर पूरे किए जा सकें.

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