खबर

राज्यसभा चुनाव के बाद झारखंड महागठबंधन में मतभेद का धुआं, बीजेपी नेता ने कहा- ‘यह तो ट्रेलर है’ | Differences within the Jharkhand Mahagathbandhan after the Rajya Sabha elections BJP leader Said This is just the trailer



Jharkhand:

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की अप्रत्याशित हार और एनडीए समर्थित निर्दलीय परिमल नथवानी की जीत के बाद झारखंड के महागठबंधन में घमासान मच गया है. कांग्रेस  ने सहयोगी दलों पर क्रॉस वोटिंग का और धोखाधड़ी का आरोप लगा रहे है. मुख्य विपक्षी दल बीजेपी इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए महागठबंधन पर तंज कस रही है. बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि यह हार कांग्रेस के नेतृत्व के खिलाफ ‘राजनीतिक भूकंप’  का ट्रेलर मात्र है और महागठबंधन के भीतर की दरार अब चौड़ी हो रही है. 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने  कहा कि  चाहे कितनी भी दुर्गति हो जाए, सत्ता से चिपके रहना कांग्रेस का तो स्वभाव ही है. अब इतनी दुर्गति के बावजूद भी कांग्रेस संतुष्ट है तो उनका भगवान ही मालिक है. कांग्रेस कहती है कि वे कोई भी विष पीने को तैयार हैं. वास्तविकता तो यह है कि  कांग्रेस सरकार से चिपककर मलाई खाने का काम कर रही है. 

50 विधायकों के ही नेता है राहुल और हेमंत

इस बीच झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (JMM) के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राहुल गांधी और हेमंत सोरेन सिर्फ उन 50 विधायकों के नेता हैं, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव में  JMM प्रत्याशी और कांग्रेस प्रत्याशी को वोट दिया. सुप्रियो भट्टाचार्य यहीं नहीं रुके. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि छह विधायकों ने गद्दारी किया है. उनके बारे में क्या बात की जा सकती है.

अब सवाल उठता है कि क्या झारखंड मुक्ति मोर्चा इन 6 विधायकों को गठबंधन से बाहर का रास्ता दिखाएगी. माना जा रहा है कि इसमें चार राजद के और दो वामदल के विधायक है.

सत्ता में रहते हुए भी सबसे कमजोर है कांग्रेस

ऐसा शायद ही देखा जाता है कि कोई पार्टी सत्ता में हो और इतनी मजबूर हो. राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस में कितनी ताकत बची हुई है यह साफ हो गया. कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने राजद और वाम दलों की तरफ से कांग्रेस प्रत्याशी को वोट नहीं दिए जाने के बयान के बाद राजद और वाम दलों ने पलट वार किया. इस बीच शनिवार 20 जून को  कांग्रेस के लगभग एक दर्जन विधायकों के साथ प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस कर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और झारखण्ड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा था कि हमारा  गठबंधन अटूट है.  हमें विष भी पीना पड़े तो पी लेंगे, लेकिन इस पुराने गठबंधन के अस्तित्व पर कोई आंच नहीं आने देंगे. उन्होंने साफ संदेश दिया कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है, हम एक थे, एक हैं और एक ही रहेंगे.

य़ह भी पढ़ेंः झारखंड में मोहर्रम पर हाई अलर्ट, 16 हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा, ड्रोन- कैमरों से रखी जाएगी पैनी नजर




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button