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राजस्थान में मीणा सड़कों पर उतरे तो दूध की सप्लाई अटकी, बस के पहिए थमे, अब गुर्जरों ने चक्का जाम की दी चेतावनी | rajasthan news karauli meena protest disrupts milk supplies transport gurjars warning road blockade


राजस्थान के पांचना बांध (करौली) का विवाद तो सुलझ गया, लेकिन मीणा और गुर्जर समाज के बीच गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है. करौली जिले में मीणा समाज सड़कों पर बैठा तो इलाके में दूध की सप्लाई तक बंद हो गई. बसों की रफ्तार धीमी पड़ चुकी है. दूसरी तरफ, अब गुर्जर समाज ने राज्य में चक्का जाम की चेतावनी दे दी है. गुर्जर पंचायत ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि अगर जाम नहीं हटा तो समाज सड़कों पर उतरेगा. इसके बाद से ही करौली और आसपास के क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बताया जा रहा है. दरअसल, विवाद पांचना बांध में पानी छोड़ने को लेकर था, जो 6 जुलाई को सुलझा. राजस्थान सरकार के मंत्रियों की मौजूदगी में 61 करोड़ रुपये की लागत वाली नवीन लिफ्ट परियोजनाओं और गुड़ला लिफ्ट परियोजना की री-मॉडलिंग कार्य का शिलान्यास किया गया. इसके बाद 13 गांव कमांड क्षेत्र, 39 गांव गुड़ला क्षेत्र और गंभीर नदी बहाव क्षेत्र के 360 गांवों के किसानों के लिए पानी छोड़ा गया.

हालांकि, तकनीकी कारणों से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी समय पर नहीं पहुंचा, जिससे नाराज किसानों ने पूर्वी राजस्थान के कई स्थानों पर जाम लगा दिया. बाद में तकनीकी टीम ने नहरों की टेस्टिंग कर पानी आगे पहुंचाया, लेकिन विरोध प्रदर्शन और जाम का सिलसिला जारी रहा.

मीणा समाज के जाम का इलाके में बड़ा असर दिख रहा है. दूध सप्लाई और रोडवेज सेवाएं प्रभावित हो गई.

मीणा समाज के जाम का इलाके में बड़ा असर दिख रहा है. दूध सप्लाई और रोडवेज सेवाएं प्रभावित हो गईं.

सोशल मीडिया पर टिप्पणी, गुर्जरों ने बुलाई पंचायत

यही से विवाद ने नया रूप ले लिया और मामला अभद्र टिप्पणी तक पहुंच गया. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति का आरोप है कि समाज के खिलाफ सोशल मीडिया आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. करौली के गुड़ला गांव में गुर्जर समाज की पंचायत बुलाई गई और आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला, गुड़ला पांचना संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाबाई समेत पंच-पटेलों ने आवाज उठाई.  

गुर्जर समाज की पंचायत.

गुर्जर समाज की पंचायत.

पंचायत में फैसला लिया गया कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार को 24 घंटे का समय दिया जाए. समाज की मांग है कि जिले में लगे सभी जाम तत्काल खुलवाए जाएं तथा सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. पंचायत ने चेतावनी दी कि अगर निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राजस्थान में चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी.

“समझौता होने के बाद अभद्रता और जाम क्यों?” 

इस पूरे मामले में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला का कहना है कि जिस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग हो रहा है, यह गलत बात है. समाज इससे आहत है. जब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और मंत्रिमंडल के सदस्यों की मौजूदगी में बैठक हुई तो फिर समाज के खिलाफ टिप्पणी क्यों की गई? जिस समझौते पर साइन हुए, उसका क्रियान्वयन हो चुका है. मुझे यह समझ में नहीं आता कि इतनी अभद्रता और हर जगह रोड जाम किस बात के लिए हो रहा है.   

इन सबके बीच, करौली के हिंडौन सिटी, गंगापुर सिटी, मंडरायल रोड, वजीरपुर रोड, कैलादेवी मार्ग समेत जिले के मार्ग पूरी तरह बंद कर दिए गए है. पुलिस एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देशन में पुलिस जाब्ता लगाया गया है, जिससे शांति बने रहे. 

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