खबर

राजस्थान में आज मेयर चुनाव के नतीजे, जयपुर कोटा में भाजपा का दबदबा, गहलोत के गढ़ जोधपुर में कांटे की टक्कर | Rajasthan Mayor Election result today Jaipur Jodhpur Kota nagar nigam mayor posts big contest bjp congress



राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों के बाद अब मेयर पद के लिए फाइट जारी है. शुक्रवार का दिन भी प्रदेश के लिए अहम है, क्योंकि राज्य के तीन सबसे बड़े और महत्वपूर्ण नगर निगम राजधानी जयपुर, जोधपुर और कोटा में आज महापौर तय हो जाएंगे. तीनों जगहों पर सुबह 10 से 2 बजे तक मेयर पद के लिए वोटिंग होगी. उसके बाद नतीजों का ऐलान किया जाएगा. बीजेपी, कांग्रेस के साथ-साथ तीनों जगहों पर निर्दलीय पार्षद भी मेयर के चुनाव में अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं. भाजपा इससे पहले अब तक हुए 7 में से 6 नगर निगमों में अपना मेयर बना चुकी है. केवल बीकानेर में कांग्रेस को जीत मिली है. ऐसे में बचे हुए इन तीन निगमों के नतीजे यह तय करेंगे कि शहरों की सरकार में किसका पलड़ा भारी रहेगा. राजधानी जयपुर के नतीजों पर सबकी नजर है. यहां बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. तीनों निगमों के चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है.

जयपुर में सुनील कोठारी भाजपा के उम्मीदवार

जयपुर नगर निगम में मेयर पद का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है. भाजपा ने यहां सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता महावर को उम्मीदवार बनाया है. जयपुर निगम में कुल 150 वार्ड है, जिसमें मेयर पद के लिए 76 वोटों की जरुरत होगी. भाजपा ने चुनावों में 78 वार्डों में जीत हासिल की है, यानि भाजपा के पास बहुमत के आंकड़े से 2 पार्षद ज्यादा है. कांग्रेस ने यहां 57 वार्ड जीते हैं, जबकि 15 वार्डों में निर्दलीय पार्षद जीते हैं. पार्षदों की संख्या के लिहाज से यहां भाजपा का पलड़ा भारी है. लेकिन निर्दलियों की भूमिका भी अहम हो सकती है.

जोधपुर में मुकाबला रोचक

जोधपुर नगर निगम में मुकाबला सबसे ज्यादा रोचक दिख रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह क्षेत्र होने की वजह से यहां एक-एक पार्षद की भूमिका अहम हो चुकी है. जोधपुर नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं, बहुमत के लिए 51 पार्षदों की जरुरत है. भाजपा ने यहां 45 और कांग्रेस ने 44 वार्डों में जीत हासिल की है. जबकि 10 निर्दलीय और 1 पार्षद अन्य है. कांग्रेस और भाजपा के पास बहुमत नहीं है, ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है. भाजपा बहुमत से 6 कदम दूर है, तो कांग्रेस 7 कदम दूर है, इसलिए जोधपुर में मुकाबला पूरी तरह फंसा है. यहां निर्दलीय पार्षदों का साथ जिसे मिलेगा मेयर उसी पार्टी का बनेगा. दोनों ही दलों ने अपने-अपने पार्षदों और निर्दलीयों की बाड़ेबंदी कर रखी थी ताकि क्रॉस-वोटिंग के किसी भी खतरे से बचा जा सके. जोधपुर में बीजेपी और कांग्रेस की साख दांव पर मानी जा रही है.

ये वीडियो भी देखिए 

कोटा नगर निगम में भाजपा मजबूत

कोटा नगर निगम में मुकाबला बीजेपी के पक्ष में जाने वाला है. क्योंकि नतीजों के दिन ही भाजपा ने यहां बड़ी जीत हासिल की थी. यहां 100 वार्डों में से भाजपा ने 57 वार्डों में जीत हासिल की है, जो बहुमत से 6 ज्यादा हैं. वहीं कांग्रेस को 39 वार्डों में जीत मिली है. 4 पार्षद यहां निर्दलीय जीते हैं. भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है, जिससे पार्टी को निर्दलीयों की भी जरुरत ज्यादा नहीं रहेगी. भाजपा ने यहां अनुसुइया गोस्वामी और कांग्रेस ने सुनीता सुमन को प्रत्याशी बनाया है. लेकिन संख्या बल के हिसाब से यहां भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है.

बीजेपी-कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने संभाला मोर्चा

तीनों नगर निगमों के मेयर चुनावों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है. सीएम भजनलाल शर्मा खुद भी नजर रख रहे हैं. वहीं प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर समेत कई सीनियर मंत्रियों को भी चुनावों की जिम्मेदारी मिली है. वहीं कांग्रेस की तरफ से पूर्व सीएम अशोक गहलोत, सीनियर नेता सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोडासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली एक्टिव हैं. 

ये भी पढे़ंः राजस्थान के नोहर में बीजेपी 2, कांग्रेस 20.. फिर भी भगवा दल का बन गया बोर्ड, निर्दलीय पड़े भारी!





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button