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दुनिया में सबसे अधिक दूध देती है इस नस्ल की गाय, 700 KG का तगड़ा शरीर, हॉलेंड से आई, भारत में क्या कीमत? | cow breed that produces most milk in world Holstein-Friesian Price in India Milk Per Day


क्या आपको पता है कि दुनिया में सबसे अधिक दूध देने वाली गाय कौन सी है? ऐसी गाय जिसे दूध की रानी कहा जाता है. इस ब्रिड की गायों का वजन 700 किलों तक हो सकता है जबकि बैल का वजन 1200 किलों तक. दूध के मामले में इसके सामने जर्सी गाय भी पीछे रह जाती है. उत्तरी जर्मनी के ठंडे इलाकों में घास खाकर यह वहां के किसानों के लिए जीवनदायनी बनी हुई है. यहां बात हो रही है होल्स्टीन-फ्रिसियन गाय की, जिसे होल्स्टीन के नाम से जाना जाता है. यह गाय केवल 15 महीने की उम्र में प्रेगनेंट हो सकती है और 10 महीने बाद बच्चा दे सकती है. चलिए बताते हैं कि यह दिन यह गाय कितना दूध देती है और यह इतनी स्पेशल क्यों है. भारत में इनका क्या दाम हैं.

वजन अधिक, दूध दुनिया में सबसे अधिक

होल्स्टीन गाय पूरी दुनिया में दूध के मामले में सबसे बेहतरीन नस्ल मानी जाती है. रिसर्चर आना वैनेसा डायस सूसा के अनुसार इस नस्ल की शुरुआत 1850 के दशक में नीदरलैंड में हुई थी और यह उत्तरी हॉलैंड, फ्रिसलैंड और उत्तरी जर्मनी के श्लेस्विग-होल्स्टीन प्रांतों से आई है. इसीलिए इसे अक्सर होल्स्टीन गाय कहा जाता है. दिलचस्प बात यह है कि यूरोप में इस नस्ल को फ्रिसियन कहा जाता है, जबकि अमेरिका में इसे होल्स्टीन-फ्रिसियन कहा जाता है.

इस नस्ल की खासियत इसका बड़ा आकार है. इस नस्ल की गायों में मादाओं का वजन 600 से 700 किलोग्राम के बीच और औसत ऊंचाई 1.45 मीटर होती है. जबकि नर (सांड) का वजन 900 से 1200 किलोग्राम के बीच और ऊंचाई 1.52 मीटर तक हो सकती है. गायों का थन बड़ा और दूध से भरपूर होता है, जो दूध उत्पादन के लिए परफेक्ट माना जाता है. 

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शारीरिक रूप से इस नस्ल में दो तरह के रंग-रूप (कोट) पाए जाते हैं. सबसे आम है काले और सफेद धब्बे (प्रमुख जीन) और दूसरा, जो कम देखने को मिलता है, वह लाल और सफेद धब्बे (रिसेसिव जीन) वाला होता है. इस नस्ल की अन्य विशेषताओं में ठंडी और हल्की जलवायु में बेहतर ढंग से ढलने की क्षमता शामिल है. यह अपने शांत स्वभाव और आसानी से संभाले जा सकने वाले व्यवहार के लिए भी जानी जाती है. 

दूध अधिक क्यों देती है?

डेयरी उत्पादन के कारण फ्रिसियन नस्ल का थन बड़ा होता है, लेकिन इनमें मैस्टाइटिस (थन की सूजन) और प्रजनन संबंधी समस्याओं का खतरा अधिक होता है. होल्स्टीन-फ्रिसियन गाय कितना दूध देगी, यह कई फैक्टर पर निर्भर करता है. इनमें वातावरण और पोषण का प्रकार शामिल है. दूसरे शब्दों में, यदि आहार मुख्य रूप से चारे पर आधारित है, तो यह नस्ल प्रति लैक्टेशन (305 दिन) चार से पांच हजार लीटर दूध देती है. यदि आहार में ज्यादातर अनाज, चोकर, पशु आहार शामिल है, तो गाय प्रति लैक्टेशन (305 दिन) दस हजार से बारह हजार लीटर दूध देती है. औसतन, यह रोजाना 40 लीटर तक दूध देती है, मैच्योर गायों में यह 50 लीटर प्रति दिन तक हो सकता है.

यानी कुल मिलाकर होल्स्टीन नस्ल की गाय इसलिए फेमस है क्योंकि यह सबसे अधिक दूध देती है, चारे की लागत के मुकाबले अधिक फायदा होता है और इसके जीन बेहतरीन हैं.

काम की बात: होल्स्टीन बछड़ियों (युवा मादाओं) की ब्रीडिंग 15 महीने की उम्र में की जा सकती है, जब उनका वजन लगभग 800 पाउंड होता है. होल्स्टीन मादाओं का पहली बार ब्याना (बच्चे को जन्म देना) 24 से 27 महीने की उम्र के बीच होना बेहतर माना जाता है. यह तटीय और डेल्टा वाले इलाकों में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है.

भारत में यह गाय

वैसे तो ये मूल रूप से यूरोप के ठंडे मौसम (नीदरलैंड और जर्मनी) की हैं, लेकिन अगर इन्हें गर्मी के महीनों में शेड, हवा-पानी की अच्छी व्यवस्था और ठंडक दी जाए, तो ये भारत के डेयरी फार्म खासकर पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में में भी अच्छी तरह ढल जाते हैं. भारत में कई बार क्रॉस ब्रिडिंग की होल्स्टीन गाय मिलती हैं. अगर इस नस्ल की गायों की कीमत की बात करें तो बछड़े 30 से 40 हजार, प्रेगनेंट बछिया 60 से 80 हजार जबकि दूध देने वाली 90 हजार से 1.5 लाख तक की मिलती हैं.

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