

बॉलीवुड अभिनेता सोहेल खान ने पहली बार अपने बचपन से जुड़ा एक ऐसा दर्द साझा किया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. एक रियलिटी शो में बातचीत के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि बचपन में उनके साथ यौन शोषण (Sexual Harassment) हुआ था, लेकिन शर्म और डर की वजह से उन्होंने इस घटना को कई साल तक किसी से साझा नहीं किया. यहां तक कि अपने पिता को भी उन्होंने यह बात तब बताई, जब वह बड़े हो चुके थे. सोहेल ने कहा कि उस अनुभव ने उनकी सोच और बच्चों की परवरिश का तरीका पूरी तरह बदल दिया. यही वजह है कि वह अपने दोनों बेटों को हमेशा खुलकर बात करने की सलाह देते हैं.
‘सालों तक चुप रहा, फिर पिता को बताई पूरी बात’
सोहेल खान ने बताया कि बचपन में उनके साथ हुई घटना का दर्द उन्होंने लंबे समय तक अपने अंदर दबाकर रखा. उन्हें लगता था कि अगर वह किसी को बताएंगे तो लोग उन्हें ही गलत समझेंगे. बड़े होने के बाद उन्होंने हिम्मत जुटाई और अपने पिता से पूरी घटना साझा की. उनके पिता यह जानकर हैरान रह गए कि उन्होंने इतने वर्षों तक यह बात छिपाकर रखी. सोहेल ने कहा कि उस समय उन्हें बहुत शर्म महसूस होती थी, जबकि गलती उनकी बिल्कुल भी नहीं थी. आज वह चाहते हैं कि कोई भी बच्चा ऐसे डर या शर्म की वजह से चुप न रहे.
बेटों को हमेशा देते हैं खुलकर बात करने की सलाह
सोहेल खान ने बताया कि वह अपने दोनों बेटों निर्वाण और योहान से अक्सर एक ही बात कहते हैं कि अगर कभी कोई उन्हें परेशान करे, डराए, बुली करे या असहज महसूस कराए, तो बिना झिझक उनके पास आएं. उन्होंने कहा कि वह रैगिंग और बुलिंग के सख्त खिलाफ हैं क्योंकि वह खुद ऐसे दर्द से गुजर चुके हैं. शो में मौजूद अन्य प्रतिभागियों ने भी सोहेल की ईमानदारी की तारीफ की और उन्हें गले लगाकर उनका हौसला बढ़ाया.
शादी, तलाक और परिवार पर भी की खुलकर बात
इसी शो में सोहेल खान ने अपनी पूर्व पत्नी सीमा सजदेह के साथ रिश्ते पर भी खुलकर बात की. उन्होंने स्वीकार किया कि करियर में मुश्किल दौर के दौरान उनका व्यवहार बदल गया था और उसी वजह से उन्होंने अपने जीवन के सबसे खास रिश्तों में से एक को खो दिया. हालांकि, उन्होंने कहा कि सीमा उनके दोनों बेटों की मां हैं और उनके प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहेगा. दोनों अलग होने के बावजूद मिलकर बच्चों की परवरिश कर रहे हैं. सोहेल ने यह भी बताया कि वह कभी अपने बेटे का नाम ‘राम खान’ रखना चाहते थे, लेकिन बेटे के जन्म के बाद सीमा ने उसका नाम निर्वाण रख दिया, जिसे उन्होंने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया.





