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मुस्लिम आक्रमणकारियों चंगेज खान, तैमूर लंग और बाबर का वो देश… पीएम मोदी ने किया दौरा, 2500 साल पुराना रिश्ता | Muslim invader Genghis Khan Timur lang and Babur PM Modi visited 2500 year old India Uzbekistan relations


नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान दौरे पर हैं. उज्बेकिस्तान से भारत का रिश्ता 2500 साल पुराना है. हजारों साल पहले सिल्क रूट से भारत तक उज्बेकिस्तान के रास्ते व्यापार होता था. बौद्ध धर्म के प्रसार के साथ इस्लामिक आंक्राताओं चंगेज खां और तैमूर लंग भी इसी इतिहास का हिस्सा रहे हैं.  तैमूर लंग और बाबर दोनों ही मध्य एशिया आज के उज्बेकिस्तान क्षेत्र से भारत आए थे और उनका खून का रिश्ता था. बाबर पिता की ओर से तैमूर का 5वां वंशज था. 

सिकंदर महान का उज्बेकिस्तान में शासन

मैसेडोनिया के सिकंदर ने 327 ईसा पूर्व के बीच भारत पर आक्रमण करने से पहले समरकंद और बाक्ट्रिया (उत्तरी उज्बेकिस्तान) पर विजय हासिल की. सिकंदर ने बाद में ग्रीक-बौद्ध कला (गांधार कला) और यूनानी-बाक्ट्रियन साम्राज्य की नींव रखी. इसने उत्तर भारत और मध्य एशिया के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत किया. फिर उज्बेकिस्तान में कुषाण साम्राज्य और बौद्ध धर्म का विस्तार हुआ. कनिष्क के शासनकाल में कुषाण साम्राज्य उत्तर भारत से लेकर उज्बेकिस्तान तक फैला. बौद्ध धर्म भारत से उज्बेकिस्तान के टर्मिज क्षेत्र में फैला. टर्मिज में विशाल बौद्ध मठ और स्तूप बनाए गए. मध्य एशिया में बौद्ध शिक्षा के बड़े धार्मिक केंद्र बने.

चंगेज खां का हमला

मंगोल शासक चंगेज खां ने 1219 – 1221 ईस्वी के दौरान उज्बेकिस्तान के बड़े शहरों समरकंद, बुखारा, ख्वारिज्म पर हमला कर उन्हें तबाह कर दिया. चंगेज खां ने भारत पर हमला या शासन तो नहीं किया, लेकिन उस दौरान जिंदगी बचने के लिए कई उज्बेक और मध्य एशियाई विद्वान, सूफी और कारीगर भारत दिल्ली सल्तनत के दौरान पनाह लेने आए.

तैमूर लंग और दिल्ली पर हमला

समरकंद को अपनी राजधानी बनाने वाले तैमूर लंग ने 1398 में दिल्ली पर बड़ा हमला किया. तैमूर लंग दिल्ली से भारतीय कारीगरों, शिल्पकारों और पत्थरों को तराशने वाले मजदूरों को समरकंद ले गया. उसने वहां प्रसिद्ध बीबी-खानम मस्जिद और गुरी-अमीर मकबरे का निर्माण किया. तैमूर समरकंद से निकला और सिंधु नदी पार कर पंजाब के रास्ते दिल्ली की ओर बढ़ा. उसने मुल्तान और भटनेर पर कब्जा कर भारी कत्लेआम किया.दिल्ली के पास तुगलक शासक नसीरुद्दीन महमूद और उसके वजीर मल्लू इकबाल के साथ युद्ध किया.

India Uzbekistan Relations

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तैमूर लंग कौन था

तैमूर ने तुगलकी फौज के हाथियों का मुकाबला करने के लिए ऊंटों पर लकड़ियां बांधकर उनमें आग लगा दी. हाथियों ने डरकर अपनी ही सेना में भगदड़ मचा दी.तैमूर ने दिल्ली को लूटपाट के साथ 15 दिन भारी कत्लेआम किया.धन-दौलत, हाथी और सैकड़ों भारतीय कारीगरों और शिल्पकारों को बंदी बनाकर समरकंद लौट गया. उसने पंजाब का इलाका अपने वफादार खिज्र खां को सौंप दिया जिसने सैयद वंश की नींव रखी.

बाबर ने मुगल साम्राज्य की स्थापना की

उज्बेकिस्तान की फरगाना घाटी में जन्मे जहीरुद्दीन मोहम्मद बाबर तैमूर का वंशज था. बाबर ने 1526 ईस्वी में पानीपत की युद्ध जीतकर भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखी. उसने उज्बेकिस्तान की वास्तुकला, व्यंजन जैसे पुलाव/बिरयानी, चगताई, तुर्की और फारसी भाषा के साथ और संगीत का भारतीय संस्कृति पर गहरा प्रभाव पड़ा.समरकंद और फरजाना खोने के बाद बाबर ने काबुल पर कब्जा किया और अपना स्थायी साम्राज्य बनाया. बाबर का भारत पर पहला सैन्य हमला बजौर पर था, जहां उसने पहली बार बारूद और तोपों का इस्तेमाल किया.

मुगल वंश का पहला शासक बाबर

पंजाब में 1520-1524 के बीच उसने पेशावर, सियालकोट और लाहौर पर कब्जा किया. पंजाब के गवर्नर दौलत खां लोदी और राणा सांगा के न्योते पर बाबर का भारत पर पूर्ण आक्रमण का रास्ता साफ हुआ. उसने भारत में शासन करने का फैसला किया. आगरा के पास मेवाड़ के राणा सांगा की अगुवाई वाले राजपूत सेनाओं को 1527 में हराया. मेदिनी राय को 1528 के चंदेरी का युद्ध में हराकर मालवा क्षेत्र पर हुकूमत की. घाघरा का युद्ध 1529 में हुआ तो बिहार,बंगाल के अफगान सरदारों को हराकर उत्तर भारत में अपनी सत्ता को मजबूत किया. 

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पारसी धर्म का असर

प्राचीन काल में उज्बेकिस्तान के ख्वारिज्म क्षेत्र में पारसी धर्म का असर था. इसके रीति-रिवाज वैदिक संस्कृति से मेल खाते हैं. कुषाण काल में भारत से बौद्ध भिक्षु रेशम मार्ग के रास्ते उज्बेकिस्तान पहुंचे. टर्मिज बौद्ध दर्शन और संस्कृत ग्रंथों के अनुवाद का बड़ा केंद्र बना. बौद्ध धर्म चीन और सिल्क रूट के अन्य हिस्सों में फैला. जब उज्बेकिस्तान में 8वीं सदी के बाद इस्लाम का प्रसार हुआ तो वहां बुखारा और समरकंद सूफी शिक्षा के केंद्र बने. भारत में चिश्ती और नक्शबंदी सूफी परंपराओं पर उज्बेक सूफी संत जैसे ख्वाजा बहाउद्दीन नक्शबंद का गहरा प्रभाव पड़ा.





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