

भोपाल में एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) की बड़ी कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही, जिसमें कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है. जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था और संवेदनशील जानकारी विदेशी तत्वों तक पहुंचा रहा था. इस गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क को लेकर कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
दूसरे दिन भी जारी रही छापेमारी
राजधानी भोपाल में एटीएस की कार्रवाई रुकने का नाम नहीं ले रही है. लगातार दूसरे दिन भी टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर जांच तेज रखी. इसी दौरान मामले के कथित मास्टरमाइंड और सीनियर एजेंट नईम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया, जिससे जांच को नई दिशा मिली है.
कोर्ट ने 4 दिन की रिमांड पर भेजा
गिरफ्तार आरोपी नईम कुरैशी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 4 दिन की एटीएस रिमांड पर भेज दिया गया है. इस दौरान एजेंसियां उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, नईम कुरैशी को उत्तर प्रदेश के सारंगपुर क्षेत्र से पकड़ा गया. उस पर आरोप है कि वह देश की संवेदनशील और महत्वपूर्ण जानकारियों को विदेशी तत्वों तक पहुंचा रहा था. मोबाइल जांच में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नंबरों से संपर्क के सबूत भी सामने आए हैं.
ट्रेनिंग और विदेश भेजने की साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने भोपाल निवासी मोहम्मद फराज को कथित तौर पर ट्रेनिंग दी थी और उसे अफगानिस्तान भेजने की योजना में शामिल था. एजेंसी को इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक सुनियोजित साजिश का शक है. एटीएस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ संदिग्ध दस्तावेज, जिहादी साहित्य और मदरसों से जुड़े लेनदेन के साक्ष्य भी मिले हैं.
Botim ऐप से होता था संपर्क
बताया जा रहा है कि आरोपी Botim ऐप के जरिए विदेशी संपर्कों से बातचीत करता था. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कई शहरों की तस्वीरें और वीडियो भी कथित तौर पर पाकिस्तान भेजे गए थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. एटीएस को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था. फिलहाल एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं.





