

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अपडेट दिया है. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता का पहला चरण फाइनल हो गया है. इसकी अंतिम लीगल ड्राफ्टिंग चल रही है. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ‘हमें उम्मीद है कि हम इसे जल्द ही अंतिम रूप दे देंगे और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बढ़त हासिल करने के बाद इसे लागू कर देंगे.’
पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित cc शताब्दी सम्मेलन को संबोधित करते हुए अन्य देशों के साथ लागू होने वाले ट्रेड डील पर भी अपडेट बताया.
20 अक्टूबर से लागू होगा भारत-न्यूजीलैंड FTA
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘पिछले साढ़े चार साल में 9 ट्रेड डील्स को आकार दिया गया है. न्यूजीलैंड के साथ फाइनल हुई ट्रेड डील 20 अक्टूबर यानी दशहरे से लागू हो रही है. इसके बाद यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड डील दिसंबर में फाइनल हो जाएगी और फरवरी-मार्च 2027 से ये ऑपरेशनल हो जाएगी. इससे EU के 27 देशों के साथ भारत के व्यापार संबंध मजबूत होंगे.
कॉमर्स सेक्रेटरी ने भी बताई पूरी बात
US-भारत व्यापार समझौते पर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि बातचीत सही दिशा में चल रही है. उन्होंने कहा, ‘हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं. पूरा भरोसा है कि समझौता हो जाएगा.’
उन्होंने बताया कि सेक्शन 301 की जांच के नतीजों के आधार पर हम समझौते को आगे बढ़ाया जाएगा. सेक्शन 301 की जांच की ड्राफ्ट रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी. जांच की वजह से टैरिफ ढांचे पर असर पड़ा है.’
‘भारत टैरिफ में स्थिरता चाहता है’
कॉमर्स सेक्रेटरी ने बताया कि भारत इस समझौते के तहत टैरिफ में स्थिरता चाहता है. मुद्दों पर चर्चा हो रही है, और समय के साथ पेच कम हुए हैं.भारत ने ‘नॉन-मार्केट फोर्सेज’ (गैर-बाजार ताकतों) की वजह से पैदा हुई अतिरिक्त क्षमता का विरोध किया है, क्योंकि इससे व्यापार पर असर पड़ता है. यह G20 का एक प्राथमिकता वाला मुद्दा है.
उन्होंने कहा कि रूस प्रतिबंध अधिनियम (Russia Sanctions Act) पर और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है. जल्द से जल्द समझौता पूरा होने की उम्मीद है.
अगले 25 साल तक तेज ग्रोथ करता रहेगा भारत: पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दशकों में वैश्विक विकास और प्रौद्योगिकी उन्नति को गति देने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है.
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित SRCC शताब्दी सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया के देश आज भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं, क्योंकि वे इसकी युवा और महत्वाकांक्षी आबादी की क्षमता को पहचानते हैं.
उन्होंने कहा, ‘आज दुनिया भारत के साथ जुड़ना चाहती है, क्योंकि वह समझती है कि आकांक्षाओं से भरा युवा भारत वैश्विक विकास का नेतृत्व करने जा रहा है. भारत प्रौद्योगिकी और वैश्विक व्यापार में प्रगति का प्रमुख इंजन बनने वाला है.’
भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि देश को अपनी जनसांख्यिकीय बढ़त, विशाल उपभोक्ता बाजार और उद्यमशील ऊर्जा का लाभ मिलेगा, जिससे आने वाले दशकों तक विकास की गति बनी रहेगी.
उन्होंने कहा, ‘हम अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहेंगे. हमारी जनसांख्यिकीय क्षमता, युवा आबादी और बड़े बाजार को देखते हुए हम यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि भविष्य की दुनिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी.’
गोयल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने की दिशा में प्रगति देशवासियों के सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करेगी. उन्होंने कहा कि आज चुनौतियों से भागने वाली मानसिकता को छोड़कर राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी स्वीकार करने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा, ‘समाज का एक बड़ा वर्ग समस्याओं से बचने की कोशिश करता है. वे यह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि हमारा भविष्य हमारे अपने हाथों में है. भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हम सभी को योगदान देना होगा.’
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की महत्वाकांक्षा आधुनिक भारत की पहचान बन चुकी है और यही देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के पीछे एक प्रमुख कारण भी है.
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