
Vrishchik Rashifal: 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार के दिन आश्विन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (शारदीय नवरात्र का पांचवां दिन, मां स्कंदमाता पूजा) पूरे दिन रहेगी. सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार, आज पूरे दिन ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. आज ग्रहों के विशेष गोचर से वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, लक्ष्मीनारायण योग, पारिजात योग और सौभाग्य योग का अत्यंत शुभ संयोग प्राप्त होगा.
चंद्रमा आज पूरे दिन आपकी ही राशि वृश्चिक में (प्रथम भाव यानी लग्न भाव आत्मबल, सृजनात्मकता, कुशल प्रबंधन, नए निवेश, नौकरी में सकारात्मक बदलाव व प्रेम प्रगाढ़ता स्थान) में संचरण करेंगे. लग्न भाव में चंद्रमा के संचरण के प्रभाव से आज आपकी सृजनात्मक (Creative) और रचनात्मक कार्यों को करने में अच्छी खासी रुचि रहेगी; आपके मौलिक विचार और कार्यशैली दूसरों को गहराई से प्रभावित करेगी. शुभ कार्यों के लिए आज दो शुभ समय हैं, सुबह 07:00 से 08:00 बजे तक शुभ का चौघड़िया एवं शाम 05:00 से 06:00 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा. वहीं दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज दक्षिण दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ फलदायी रहेगा.
बिजनेस और फाइनेंस राशिफल (Business & Finance)
व्यापारिक दृष्टि से आज का दिन वृश्चिक राशि के कारोबारियों के लिए सटीक निवेश अनुसंधान, नेतृत्व कौशल से कार्य संवारने और सौभाग्य योग से पेंडिंग काम निपटाने का रहेगा.
इन्वेस्टमेंट रिलेटेड एक्टिविटीज से होगा प्रॉफिट: निवेश से जुड़ी गतिविधियों (Investment Activities) की पूरी जानकारी और डेटा कलेक्ट करने में सही समय लगाएं; ग्रहों का संकेत है कि इस समय किसी नई और सुरक्षित जगह पर पैसा लगाना आपके लिए बेहद प्रॉफिटेबल साबित होगा.
कुशल नेतृत्व और प्रबंधन से व्यवस्थित होंगे कार्य: व्यावसायिक दृष्टि से ग्रह स्थिति पूरी तरह आपके फेवर में बनी हुई है; व्यापार में आपके कुशल नेतृत्व और मजबूत प्रबंधन द्वारा सभी बिखरे हुए कार्य बहुत ही उचित और सुव्यवस्थित तरीके से पूरे होंगे.
सौभाग्य योग से आसान होंगे व्यावसायिक कार्य: सौभाग्य योग के शुभ प्रभाव से बिजनेस से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों, डील्स और औपचारिकताओं को समय रहते निपटाने के लिए समय बेहद अनुकूल और फलदायी रहेगा.
करियर और जॉब राशिफल (Career & Job)
नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन जिम्मेदारियों को भली-भांति निभाने, सकारात्मक समाचार मिलने और अनैतिक लालच से पूरी तरह दूर रहने का रहेगा.
ऑफिस की जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन: नौकरीपेशा लोग ऑफिस की तमाम छोटी-बड़ी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ भली-भांति निभाएंगे; संस्थान में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा.
नौकरी में सुनेंगे कुछ सकारात्मक: कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों या प्रबंधन की तरफ से आपको करियर और पद से जुड़ा कोई सकारात्मक समाचार या संकेत सुनने को मिल सकता है.
वर्कप्लेस पर लालच से बनाएं दूरी: कार्यक्षेत्र में किसी सहकर्मी या बाहरी व्यक्ति द्वारा आपको किसी गलत या अनैतिक काम को करने के लिए अनुचित लालच देने की पूरी संभावना बन रही है; अपने उसूलों पर अडिग रहें और किसी भी तरह के प्रलोभन में न आएं.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love & Family)
पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों के लिहाज से लग्न चंद्रमा पारिवारिक तालमेल और प्रेम संबंधों को अगले मुकाम पर ले जाने का योग बना रहा है.
प्रेम जीवन और परिवार में बेहतरीन तालमेल: व्यक्तिगत प्रेम जीवन और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच आपका अद्भुत तालमेल बना रहेगा; घर के बड़े-बुजुर्गों का स्नेह मिलेगा और शांति का वातावरण रहेगा.
प्रेम संबंध बढ़ेंगे आगे: लव लाइफ बिता रहे जातक अपने रिश्ते में नया उत्साह महसूस करेंगे; आपसी समझ और विश्वास के दम पर आपके प्रेम संबंध अब आगे बढ़ सकते हैं और विवाह की चर्चा का रूप ले सकते हैं.
शिक्षा, स्टूडेंट्स और स्वास्थ्य (Education, Students & Health)
विद्यार्थियों (Competitive & General Students) के लिए आज का दिन घर पर एकाग्रता से अध्ययन करने का है. सामान्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं बिना किसी बाहरी भटकाव के घर में बहुत अच्छी और गहन पढ़ाई कर सकेंगे; शांत माहौल आपकी याददाश्त और समझ को मजबूत करेगा. स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से, लग्न में चंद्रमा और सौभाग्य योग के प्रभाव से आपका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य आम तौर पर ऊर्जावान, स्वस्थ और संतुलित बना रहेगा. कला और सृजनात्मक कार्यों में रुचि रहने से मन प्रफुल्लित रहेगा. पौष्टिक सात्विक आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं और दिनचर्या में थोड़ा समय मां स्कंदमाता के ध्यान (Meditation) को दें.
शुभ रंग: येलो (पीला)
शुभ अंक: 8
अशुभ अंक: 4
आज का उपाय: गुरुवार और शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करें. घट के समक्ष शुद्ध गाय के घी का दीपक प्रज्वलित कर माता रानी को पीले पुष्प और केले अथवा दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं तथा ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमात्रै नमः’ अथवा ‘सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया. शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥’ मंत्र का 108 बार जप करें. इसके साथ ही गुरुवार होने के कारण भगवान श्री हरि विष्णु का ध्यान करें और मस्तक पर केसर अथवा हल्दी का तिलक लगाएं. किसी छोटी कन्या को पीले फल या मिश्री भेंट करें; इससे लग्न के चंद्रमा से आपकी रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता निखरेगी, नए निवेश से बड़ा धन लाभ होगा, कार्यक्षेत्र में किसी भी गलत लालच से रक्षा होगी और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी.
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