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भारतीय सेना के ल‍िए छोड़ी MNC की नौकरी, दादा-परदादा, मां-बाप के बाद स्पर्श क्षेत्री भी बना अफसर | Success Story Indian Army Sparsh Chhetri OTA Gaya


Success Story Indian Army:  देश में आज भी कई ऐसे परिवार हैं, जो पीढ़ियों से राष्ट्र सेवा में समर्पित हैं. स्पर्श क्षेत्री का परिवार उन्हीं में से एक है. अपनी चार पीढ़ियों पुरानी गौरवशाली सैन्य विरासत को आगे बढ़ाते हुए स्पर्श क्षेत्री भी भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी बन गए हैं. अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (OTA) गया में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बटालियन अंडर ऑफिसर जैसे महत्वपूर्ण कैडेट पद की जिम्मेदारी सौंपी गई. भारतीय सेना में शामिल होने के लिए स्पर्श ने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सीनियर डेटा एनालिस्ट की नौकरी छोड़ दी थी.

चार पीढ़ियों का सैन्य इतिहास

स्पर्श क्षेत्री के परदादा ने ब्रिटिश इंडियन आर्मी में अपनी सेवाएं दी थीं. उनके बाद उनके दादा और पिता ने पैदल सेना में अधिकारियों के रूप में देश की रक्षा की, जबकि उनकी माताजी आर्मी एजुकेशनल कॉर्प्स में कार्यरत रहीं. स्पर्श के लिए देश सेवा बचपन से ही जीवन जीने का एक तरीका रही है. 

Success Story Indian Army Sparsh Chhetri OTA Gaya

स्पर्श क्षेत्री के परदादा ने ब्रिटिश इंडियन आर्मी में अपनी सेवाएं दी थीं. दादा और पिता ने पैदल सेना में अधिकारियों के रूप में देश की रक्षा की.

लाखों का पैकेज छोड़ चुना देश सेवा का मार्ग

थापर यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में स्नातक करने के बाद स्पर्श को एक शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनी में सीनियर डेटा एनालिस्ट के पद पर आकर्षक पैकेज वाली नौकरी मिली. एक सफल और आरामदायक कॉर्पोरेट करियर होने के बावजूद, स्पर्श में न तो देश सेवा का जज़्बा कम हुआ और न ही ऑलिव ग्रीन वर्दी पहनने की ललक. आखिरकार उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कॉर्पोरेट क्षेत्र को अलविदा कह दिया. 

बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं स्पर्श

भारतीय सेना के आर्मी ट्रेनिंग कमांड ने सोशल मीडिया पर स्पर्श क्षेत्री की सफलता की कहानी साझा की है. उन्होंने बताया कि स्पर्श बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. वे राष्ट्रीय स्तर के घुड़सवारी पदक विजेता, जिला स्तर के बैडमिंटन व तैराकी पदक विजेता, एनसीसी के पूर्व अंडर ऑफिसर और एक उत्कृष्ट निशानेबाज  भी रहे हैं.

अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (OTA) गया में अपने प्रशिक्षण के दौरान स्पर्श ने अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया. उन्होंने सुख-सुविधाओं के बजाय उद्देश्यपूर्ण जीवन को प्राथमिकता दी. अपनी चार पीढ़ियों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए स्पर्श क्षेत्री भारतीय सेना के साहस, चरित्र और अटूट प्रतिबद्धता के मूल्यों को जीवंत कर रहे हैं तथा युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं.  

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