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बेंगलुरु में IT प्रोफेशनल महिला चला रही ऑटो, फर्राटेदार अंग्रेजी सुन कस्टमर बोला- इस कहानी ने तो दिल छू लिया | Why English-Speaking Bengaluru Woman quits IT job drives rapido auto after father death Inspiring Story



Viral video: बेंगलुरु की सड़कों पर जब एक महिला ऑटो ड्राइवर फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करने लगे, तो चौंकना लाजिमी है. हाल ही में कंटेंट क्रिएटर तन्वी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उन्होंने जब इस महिला ऑटो ड्राइवर से बात की, तो एक ऐसी कहानी सामने आई, जो सीधे दिल को छू जाती है. यह कहानी महज एक सफर की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, परिवार और अपनी शर्तों पर जीने की है. 

क्यों छोड़ी आलीशान दफ्तर की नौकरी?

इस जांबाज बेटी की कहानी की शुरुआत एक गहरे सदमे से होती है. पिता के अचानक निधन ने उसकी हंसती-खेलती जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया. वह आईटी सेक्टर में नाइट शिफ्ट में काम करती थी, लेकिन पिता के जाने के बाद घर पर उसकी मां बिल्कुल अकेली रह गईं. मां को इस दुख की घड़ी में अकेला छोड़ना उसे गंवारा नहीं था. इसलिए, उसने बिना सोचे-समझे आईटी की नौकरी को लात मार दी और रैपिडो ऑटो का हैंडल थाम लिया.  

समाज की परवाह छोड़ चुना आत्मसम्मान

शुरुआत में परिवार ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया. ‘लोग क्या कहेंगे’ का डर हर मोड़ पर खड़ा था, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी. उसने समाज की बंदिशों के आगे घुटने टेकने के बजाय अपनी आजादी और स्वाभिमान को चुना. आज वह न केवल अपनी मां के साथ रह पा रही है, बल्कि खुले आसमान के नीचे बेखौफ होकर अपनी जिंदगी की गाड़ी भी चला रही है. 

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IT की सैलरी से ज्यादा है ऑटो की कमाई

जब तन्वी ने उससे पूछा कि उसे यह काम कैसा लगता है, तो उसने गर्व से जवाब दिया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता. उसने एक और हैरान करने वाला खुलासा किया कि वह आईटी की नौकरी से कहीं ज्यादा पैसे अब ऑटो चलाकर कमा लेती है. हालांकि, जब भी कोई सवारी उसके ऑटो में बैठती है और उसकी कहानी सुनती है, तो दंग रह जाती है. 

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सोशल मीडिया पर मिल रही जमकर तारीफ

तन्वी ने जब इस मुलाकात का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया, तो देखते ही देखते यह वायरल हो गया. लोग इस बहादुर बेटी की हिम्मत की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. कोई उसे ‘सच्ची प्रेरणा’ बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि अपनी मां के लिए इतना बड़ा फैसला लेना हर किसी के बस की बात नहीं होती. वाकई, इस बेटी ने साबित कर दिया कि हौसला हो तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं. 

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