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पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में इंडस्ट्रियल पेट्रोल-डीजल खरीदने पर लगी रोक, डीजल खरीद की लिमिट भी तय | Industrial Petrol Diesel Bulk Purchase Ban in India Diesel Purchases Limits Also Set



नई दिल्ली:

ईरान-अमेरिका के बीच चल रही तनातनी के कारण वैश्विक तेल व्यापार का अहम रास्ता होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय से बंद है. जिस कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ रहा है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव का दौर कब समाप्त होगा? यह कहना अभी मुश्किल है. इस बीच सरकार पेट्रोल-डीजल की संभावित कमी को दूर करने की कोशिश में हर जरूरी कदम उठा रही है. इसी कड़ी में अब सरकार ने पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में इंडस्ट्रियल पेट्रोल-डीजल खरीदने पर रोक लगा दी है. 

सरकार ने जारी किया आदेश

पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश में डीजल की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए ‘मोटर स्पिरिट और हाई-स्पीड डीजल आदेश 2026’ जारी कर दिया है. यह रिटेल आउटलेट के जरिए सप्लाई का अस्थायी रेगुलेशन था. शुक्रवार को जारी अपने आदेश में पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस सख्त फैसले को जारी करने के पीछे दो मुख्य कारण बताए हैं.

इंडस्ट्रियल, इंस्टीट्यूशनल और कमर्शियल ग्राहक थोक और रिटेल डीजल की कीमतों में अंतर के कारण उनके लिए तय कंज्यूमर पंपों से हटकर रिटेल आउटलेट्स से बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रहे हैं.

दूसरा कारण है कि प्राइवेट ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा तय की गई ऊंची कीमतों के कारण मई, 2026 में उनके हाई-स्पीड डीजल (HSD) की बिक्री में लगभग 58% की गिरावट आई है.

90 दिनों तक लागू रहेगी पाबंदी

एक सरकारी आदेश के अनुसार, सरकार ने इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल यूजर्स को पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीज़ल खरीदने से रोक लगा दिया है. सरकार ने कहा है कि वे अपनी ज़रूरत का ईंधन बल्क सेल प्वाइंट से खरीदें. आदेश के अनुसार ये पाबंदियां 90 दिनों तक लागू रहेंगी. यह कदम तब उठाया गया जब कुछ इलाकों में डीजल की मांग में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई. 

क्योंकि बल्क यूजर्स कीमत में अंतर के कारण पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने लगे थे. दिल्ली में पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि बल्क सेल में इसकी कीमत 134.50 रुपए है.

रिटेल से इंडस्ट्रियल पेट्रोल-डीजल खरीदने लगे थे लोग

नोटिफिकेशन में कहा गया है, “मौजूदा स्थिति में यह देखा गया है कि देश के कुछ हिस्सों में रिटेल आउटलेट्स के जरिए मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) और हाई स्पीड डीज़ल (डीज़ल) की बिक्री में असामान्य बढ़ोतरी हुई है. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल कंज्यूमर रिटेल और बल्क सेल की कीमतों में अंतर के कारण रिटेल आउटलेट्स का रुख कर रहे हैं.”

आदेश के अनुसार, इंस्टीट्यूशनल, इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कंज्यूमर को रिटेल फ्यूल स्टेशनों से पेट्रोल और डीज़ल खरीदने से रोका जा सकता है और उन्हें अपने खुद के कंज्यूमर पंपों के जरिए सप्लाई लेनी होगी.

एक गाड़ी के लिए रोजाना अधिकतम 200 लीटर डीजल खरीद सकेंगे 

नोटिफिकेशन में रिटेल आउटलेट्स पर डीजल की बिक्री को भी सीमित किया गया है. डीजल केवल गाड़ियों के फ्यूल टैंक या पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) से मंजूर कंटेनरों में ही भरा जा सकता है. साथ ही हर ग्राहक या गाड़ी के लिए रोजाना 200 लीटर की खरीद सीमा तय की गई है. 

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