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पाक फौज के सामने PoK की महिलाओं ने ‘सरफरोशी की तमन्ना’ के लगाए नारे, VIDEO इस्लामाबाद को हिला रहा | PoK Women Protestors sing sarfaroshi ki tamanna as slogans against Pakistani Military VIDEO



पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के लोग सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई के बावजूद अपने हक की आवाज उठा रहे हैं, हुकूमत के आंखों में आंख डालकर नारे लगा रहे हैं. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई में 90 से अधिक नागरिक मारे गए और दर्जनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं. लेकिन आसिम मुनीर की क्रूर सेना की हमलों ने कब्जाए हुए इस जमीन के कश्मीरियों की हिम्मत को कमजोर नहीं किया है. यहां से सामने आया एक वीडियो इसी का सबूत है. 

दरअसल PoK में स्थानीय निकाय चुनाव के बीच ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (जेएएसी) इन प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है. सामने आए वीडियो में PoK की महिला प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारे लगाते हुए राम प्रसाद बिस्मिल की अमर रचना, सरफरोशी की तमन्ना को पढ़ रही थीं. हिंसक आर्मी से डरे बिना ये बुलंद आवाज में बोल रही हैं कि “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजु-ए-कातिल में है”. यहां के लोगों के लिए मुनीर की सेना कातिल ही है जो अपने अधिकार की आवाज उठाते लोगों के साथ जानवरों की तरह बर्ताव कर रही है, लोगों को मौत के घाट उतार रही है. 

बता दें कि PoK में पिछले महीने से महंगाई, प्रशासनिक उदासीनता, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. भारत ने मंगलवार को PoK में कराए जा रहे स्थानीय निकाय चुनाव को पाकिस्तान की ओर से अपने अवैध कब्जे पर पर्दा डालने और क्षेत्र में मानवाधिकारों के ‘‘गंभीर” उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश बताया था.

रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक जेएएसी के ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा बल प्रयोग किया है और इस कार्रवाई में 30 से अधिक नागरिकों की मौत हो गई और 33 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए. मरने वालों में उस्मान नजीर भी शामिल है, जो जेएएसी की केंद्रीय समिति के सदस्य उमर नजीर का भाई था.

पाकिस्तान सेना ने PoK में हिंसा भड़काने की पूरी प्लानिंग की थी ताकि उसके दम पर बल प्रयोग किया जा सके. पाक सेना का उद्देश्य जनता की मांगों को अनसुना करना और फिर भी उन्हें कई महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए मजबूर करना है.

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