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पहले फॉर्च्यूनर से तोड़े गरीब महिला के दीये, फिर शख्स ने दिए पैसे और राशन, लोग बोले- गजब टोपीबाज है | viral video fortuner car crushed diya shop scripted reel exposed



VIRAL VIDEO: क्या सोशल मीडिया पर चंद लाइक्स और मिलियन व्यूज के लिए हम इतने गिर चुके हैं कि किसी गरीब की रोजी-रोटी का तमाशा बना दें? आजकल इंटरनेट पर ‘मददगार’ दिखने की एक नई बीमारी चली है. ताजा मामला दिवाली के एक वायरल वीडियो का है, जिसे देखकर आपका खून खौल उठेगा. वीडियो में एक शख्स अपनी बड़ी सी फॉर्च्यूनर कार को एक गरीब महिला की दीये की दुकान के बेहद करीब से तेज रफ्तार में निकालता है. हवा के झोंके और गाड़ी की टक्कर से महिला के सारे दीये चकनाचूर हो जाते हैं. सोशल मीडिया पर सचिन गुप्ता नाम के हैंडल से शेयर इस वीडियो को लोग ‘सस्ती और खराब एक्टिंग’ का सबसे बड़ा नमूना बता रहे हैं और शख्स को गजब टोपीबाज बता रहे हैं.

कैमरे के सामने मसीहा बन जाता है शख्स 

इसके बाद शुरू होता है असली खेल. वही शख्स कैमरे के सामने मसीहा बनकर आता है, महिला को नुकसान के पैसे देता है और कुछ राशन का सामान थमाकर अपना ‘बड़ा दिल’ दिखाता है. पर जनता मूर्ख नहीं है. लोगों ने तुरंत ताड़ लिया कि यह सब पहले से तय था. लोगों का गुस्सा कमेंट बॉक्स में जमकर फूटा. विशाल अवस्थी लिखते हैं कि देश में अब अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि रील्स का खेल चल रहा है. जे. पी. यादव ने सही पकड़ा कि लोग हर वक्त रील के ही जुगाड़ में रहते हैं और दर्शक इस दिखावे को सच मान लेते हैं. जैक नाम के यूजर ने ध्यान दिलाया कि वीडियो में गाड़ी का नंबर जानबूझकर धुंधला (blur) किया गया था, ताकि कोई कानूनी पचड़ा न फंसे. साफ है कि व्यूज बटोरने के लिए यह पूरा ड्रामा खुद रचा गया था. इसी ‘दिखावे की
 

बीमारी’ पर तंज कसते हुए SACHKAHOON (@sachkahoon_) लिखते हैं कि आजकल सब कुछ कैमरे के भरोसे ही चल रहा है, वहीं satyamev jayte (@abhay24012013) और Guddu Yadav (@GudduKu26227159) इसे सीधे शब्दों में ‘रीलबाजी का चक्कर’ और ‘जनता को मूर्ख बनाने का धंधा’ करार देते हैं.

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