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‘परमाणु ठिकानों की जांच जरूर होगी’, IAEA की दो टूक; ईरान ने रख दी नई शर्त! | Inspections on nuclear sites will remain says IAEA to Iran



अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और बातचीत शुरू करने के लिए MoU हो गया था, अब उसे लागू किया जाने लगा है. इस MoU में सबसे अहम बात ईरान के परमाणु ठिकानों की अंतरराष्ट्रीय निगरानी की है. इस बीच इंटरनेशन एटॉमिक एनर्जी एसोसिएशन (IAEA) के चीफ राफेल ग्रॉसी ने बुधवार को कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच एक अंतरिम MoU के बाद जल्द ही ईरान में निरीक्षण किया जाएगा. 

हालांकि, बाद में ईरान ने संकेत दिया कि अहम ठिकानों तक पहुंच फाइनल डील और प्रतिबंध हटाने पर निर्भर करेगी.

अमेरिका-ईरान के बीच पिछले हफ्ते 17 जून को युद्ध खत्म करने के लिए 14 पॉइंट के MoU पर दस्तखत हुए थे. इस अंतरिम समझौते ने 60 दिनों की बातचीत का रास्ता साफ कर दिया, जिसका मकसद ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम समेत कई अहम मुद्दों पर सहमति बनाना है.

जांच जरूर होगी… IAEA चीफ

अब जापान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में IAEA चीफ राफेल ग्रॉसी ने कहा, ‘जांच जरूर होगी.’ उन्होंने ईरान के साथ बातचीत को लेकर कहा, ‘हम जल्द ही तौर-तरीकों, जैसे- तारीखें, प्रक्रियां और जगहों को लेकर काम करेंगे.’

IAEA की टीम के साथ-साथ अमेरिकी टीम भी होगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में बताया कि अमेरिकी इंस्पेक्टर ईरान के न्यूक्लियर साइट्स की जांच में IAEA के साथ शामिल होंगे. ट्रंप ने बताया कि ईरान इसके लिए राजी हो गया है.

लेकिन ईरान की ‘ना’!

हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बुधवार को कहा कि अभी उन परमाणु ठिकानों या परमाणु सामग्री तक पहुंच देने की कोई योजना नहीं है, जिन पर हमला हुआ था.

उन्होंने साफ-साफ कहा कि ऐसे मुद्दों पर तभी बात होगी जब अमेरिका के साथ कोई अंतिम समझौता हो जाए और ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने के लिए व्यावहारिक कदम उठाए जाएं.

पिछले साल जून में अमेरिका-इजरायल की बमबारी के बाद से ईरान ने IAEA को अपनी सबसे संवेदनशील न्यूक्लियर साइट्स पर वापस नहीं आने दिया है. IAEA ने दूसरी साइटों का निरीक्षण किया है, लेकिन 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से इन्हें रोक दिया गया था.




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