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दो मह‍िला बंद‍ियों को अजमेर जेल से चुपचाप बाहर ले गए, कुछ घंटे बाद वापस लाया; जेलर और जेल प्रहरी पर केस | Two female inmates quietly out Ajmer Jail back few hours later FIR against two female staff jailer



अजमेर की हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि जेलर दिव्या चौधरी और जेल प्रहरी सोनिया चौधरी ने नियमों को दरकिनार करते हुए 12 जुलाई 2026 को दो महिला बंदियों को बिना जेल अधीक्षक की अनुमति और बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए जेल से बाहर ले गईं. इनमें एक महिला आजीवन कारावास की सजा काट रही है, जबकि दूसरी भी सजायाफ्ता बंदी बताई गई है.  दोनों को दोपहर करीब 3 बजे जेल से बाहर ले जाया गया, और कुछ घंटे बाद वापस जेल लाया गया. 

सिविल लाइन थाने में केस 

मामले का खुलासा होने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया.  प्रारंभिक विभागीय जांच में दोनों महिला कर्मचारियों पर प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए. इसके बाद जेल प्रशासन ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने  मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

विरोध के बाद जेल से बाहर ले गए 

सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभू सिंह के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी महिपाल चौधरी ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया था, लेकिन इसके बावजूद दोनों महिला बंदियों को जेल से बाहर ले जाया गया. महिपाल चौधरी की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है. 

आखिर कहां गई थीं दोनों महिला बंदी 

अब पुलिस की जांच का सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल से बाहर रहने के दौरान दोनों महिला बंदियां कहां गईं, किससे मिलीं और उन्हें बाहर ले जाने का असली उद्देश्य क्या था? पुलिस सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है. 

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल विभागीय लापरवाही नहीं बल्कि जेल सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक और नियमों के उल्लंघन का बड़ा उदाहरण साबित हो सकता है.  पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है. 

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