
इस साल जून के महीने में आयोजित हुई FMGE परीक्षा को लेकर छात्रों ने आरोप लगाया हैं कि परीक्षा का पैटर्न बदल दिया गया. इसी वजह से वे इस बार की परीक्षा को क्वालिफाई नहीं कर पाए. इसी वजह से आक्रोशित छात्र अब प्रदर्शन कर रहे हैं, उनका कहना है कि जब तक उनकी सारी मांगे नहीं मान ली जातीं, वे प्रदर्शन जारी रखेंगे.
इस समय दिल्ली के गौतम नगर में बड़ी संख्या में छात्रों की तरफ से इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि इस बार परीक्षा के पैटर्न बदले जाने से करीब 33 हजार छात्र प्रभावित हुए हैं. विदेश में मेडिकल की पढ़ाई के बाद FMGE परीक्षा नहीं पास करने वाले छात्रों से एनडीटीवी ने खास बातचीत की है. उन छात्रों की बातचीत उनकी जुबानी समझते हैं-
डॉ भगवान- इसबार जून में हुई FMGE परीक्षा में 28 वीडियो बेस्ड सवाल आए थे जो ना नीट पीजी में होते हैं और ना ही एम्स वाले एग्जाम में होते हैं. बच्चों को इस बारे में बिल्कुल नहीं पता था जिससे वो घबरा गए. हमारी मांग है कि इन 28 सवालों पर कंपनसेशन मार्क्स मिले. इस बार 38 सवालों का लेवल MBBS लेवल के भी ऊपर था. ऐसे सवाल पूछे गए जिनकी MBBS के 6 साल बाद पढ़ाई करनी होती है. इनके लिए भी कंपनसेशन मार्क्स की डिमांड करते हैं. मैंने जॉर्जिया से पढ़ाई की है.
वे आगे कहते हैं- इस बार 43 हजार बच्चों ने FMGE की परीक्षा दी और 37 हजार बच्चे इससे प्रभावित हैं. अभी यहां तीन हजार बच्चे हैं. इस परीक्षा की फीस 6 195 रूपये फीस है. और सुविधा के नाम पर जीरो, ना आंसर की दे रहे ना कुछ बस एक रैंडम रिजल्ट जारी हो जाता है. कैसे 88% बच्चे फेल हो गए ? ऐसा किसी भी परीक्षा में नहीं हुआ.

डॉ प्रखर – किर्गिस्तान से MBBS की पढ़ाई की है
ये परीक्षा हर 6 महीने में होती है और हर बार इस पर सवाल खड़े होते हैं. NBMS की गलती है. हमारी सिर्फ इतनी मांग है कि अगर पैटर्न चेंज करें तो 1-2 महीना पहले बता दें. 6 महीने की तैयारी वाले एग्जाम में हम 15 दिन पहले डेमो में डालने के बाद तैयारी कर पाएंगे? हर 6 महीने में एग्जाम ले रहें, 6 हजार रुपये फीस ले रहे, कम से कम सही से बैठने की जगह तो दें, पंखा कूलर एसी कुछ भी परीक्षा के समय नहीं मिल रहा.
वे आगे कहते हैं कि कम्प्यूटर एग्जाम में 10 मिनट में रिजल्ट आ जाता है, क्या आप हमें ऑनस्क्रीन रिजल्ट नहीं दे सकते? ऊपर से हमसे डिस्कलोजर साइन करवाया जाता है कि बाहर आकर आप सवाल नहीं बता सकते.
डॉ अपूर्व- रूस से पढ़ाई की 2019 में
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन फॉरेन स्टूडेंट मेडिकल विंग जो इस प्रोटेस्ट को सपोर्ट कर रही है. हमारी जेपी नड्डा सर से यही रिक्वेस्ट है. मंत्रालय की तरफ से किसी ने बात करने की कोशिश नहीं लेकिन हमने हर तरफ लेटर भेजे हैं, मीटिंग करने को लेकर भी मांग की है. जल्द से जल्द इसका सॉल्यूशन निकले. स्ट्राइक बीते 4 दिनों से कर रहे.
राजेश- कजाकिस्तान से मेडिकल की पढ़ाई की
जून 2026 में FMGE की परीक्षा दी. जैसे सौतेली मां व्यवहार करती है वैसा व्यवहार किया जा रहा है. एग्जाम सेंटर पर हालत इतने खराब थे कि पेपर के सवालों को देखने में ही आंखों पर पसीने आ रहे थे. मेरे सेम मार्क्स रिपीट हो रहे तीन बार से.
डॉ योगेश- इनका पैटर्न कभी भी अच्छा नहीं रहा है. रिजल्ट हमेशा 20% या 25% रहता है. इस बार तो सारी सीमाएं तोड़ दी और रिजल्ट को 12% कर दिया. बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा तब तक नहीं उठेंगे. बच्चों को चूहा समझते हैं सिर्फ एक्सपेरीमेंट करते हैं.





