

नई दिल्ली:
दिल्ली बिल्डिंग हादसे के आरोपी हरिराम बंसल को पुलिस ने पकड़ लिया है. उसे राजस्थान के भिवाड़ी से दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया. घटना के बाद से ही वह फरार था और उसका फोन भी बंद था. इससे पहले आज सुबह गुरुग्राम स्थित उसके घर का भी वीडियो सामने आया था. जहां ताला लटका हुआ था. रविवार को जब यह हादसा हुआ तब उसकी लोकेशन गुरुग्राम में ही थी. लेकिन उसके बाद से ही हरिराम फरार था. वहीं दिल्ली पुलिस जब आरोपी मालिक को दबोचने के लिए उसके ठिकाने पर पहुंची, तो वह पहले ही रफूचक्कर हो चुका था. आज भी गुरुग्राम के सेक्टर-23 में उसके आलीशान घर पर सन्नाटा पसरा है, हरिराम की कोठी अंदर से बंद दिख रही है. दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) नोटिस जारी किया है. जबकि उसकी तलाश के लिए पुलिस की 10 टीमों को लगाया गया था. उसे अब हिरासत में ले लिया गया है.
गुरुग्राम के सेक्टर-23 में है आलीशान मकान
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में गिरने वाली बिल्डिंग का मालिक गुरुग्राम के सेक्टर-23 में रहता है. यहां पॉश इलाके में उसने आलीशान कोठी बना रखी है. बताया जा रहा है कि वह यहां लंबे समय से रह रहा था. इसी इलाके के मार्केट में उसकी एक हार्डवेयर की दुकान भी है, जहां कल वह हादसे के समय बैठा हुआ था. इसके अलावा गुरुग्राम के इसी पॉश इलाके में उसके बेटे-बेटी भी रहते हैं और उसके पास कुल 4 से 5 प्रॉपर्टीज हैं. सोमवार सुबह जब उसे गुरुग्राम के घर पर पुलिस पहुंची तो यहां कोई नहीं था. लेकिन बाहर से ही उसके घर को देखकर उसके ठाठ-बाट का अंदाजा लगाया जा सकता है.
#WATCH सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा | गुरुग्राम, हरियाणा: दिल्ली के सत्य निकेतन में कल गिरी बिल्डिंग के कथित मालिक हरिराम के घर के बाहर की वीडियो। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी।
दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है। pic.twitter.com/61GUa1Gkja
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 7, 2026
बताया जा रहा है कि हादसे की खबर लगते ही हरिराम बंसल अपने गुरुग्राम स्थित घर पर ताला लगाकर पूरे परिवार समेत फरार हो गया था, पुलिस जब सोमवार सुबह तड़के उसके सेक्टर-23 वाले घर पहुंची, तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था और मुख्य दरवाजे पर बड़ा सा ताला लटका मिला है.
हरिराम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी था
दिल्ली पुलिस ने हादसे के बाद बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर नोटिस जारी कर दिया था. ताकि वह देश छोड़कर न भाग सके. दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों के मुताबिक हरिराम को ट्रैक करने के लिए 10 अलग-अलग टीमें बनाई गई थी. इन टीमों का नेतृत्व एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं. पुलिस की स्पेशल स्टाफ, क्राइम ब्रांच और लोकल टीमें इस वक्त दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी की थी.
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