धर्म

त्योहारों से भरे अक्टूबर में शादी के मुहूर्त क्यों नहीं?


October 2026 Marriage Muhurat: अक्टूबर में नवरात्रि है, दशहरा है और करवा चौथ भी. पूजा होगी, खरीदारी होगी, नए काम भी शुरू किए जाएंगे. फिर शादी के लिए यह महीना खाली क्यों है?

वजह चातुर्मास और विवाह मुहूर्त के अलग नियम हैं. हिंदू पंचांग की अक्टूबर 2026 की विवाह सूची में कोई शुभ दिन नहीं दिया गया है. हालांकि इसे सभी क्षेत्रों और समुदायों पर लागू एक जैसा नियम समझना भी सही नहीं होगा.

घर में शादी की बात चल रही हो तो यह सवाल और अहम हो जाता है. छुट्टियां हैं, रिश्तेदार आ सकते हैं और मौसम भी बदलने लगता है. आयोजन के लिहाज से सुविधाजनक समय होने के बावजूद परंपरागत मुहूर्त देखकर विवाह करने वाले परिवारों को इंतजार क्यों करना पड़ता है?

त्योहारों के बीच भी जारी रहता है देवशयन

पौराणिक मान्यता के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और देवउठनी एकादशी पर उनका जागरण होता है. इस अवधि से जुड़ी चातुर्मास परंपरा में अनेक हिंदू परिवार विवाह रोककर रखते हैं. वर्ष 2026 में देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को है, इसलिए पूरा अक्टूबर देवशयन की अवधि में पड़ता है.

लेकिन देवशयन का अर्थ पूजा बंद होना नहीं है. चातुर्मास में व्रत, जप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व बना रहता है. देवी की आराधना और विवाह संस्कार के लिए अलग परंपराएं हैं.

इसलिए नवरात्रि का शुभ होना अपने आप विवाह की अनुमति या मुहूर्त नहीं बन जाता. इसी तरह करवा चौथ पर दांपत्य की मंगलकामना की जाती है, लेकिन उस व्रत से नए विवाह की तारीख तय नहीं होती.

दशहरा शुभ है तो उस दिन सात फेरे क्यों नहीं?

दशहरे को नई शुरुआत के लिए शुभ मानने के कारण अक्सर कहा जाता है कि इस दिन मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं. विवाह के मामले में इस धारणा को बिना जांचे अपनाना ठीक नहीं होगा. खरीदारी, काम शुरू करने और विवाह संस्कार की कसौटियां अलग हो सकती हैं.

हिंदू पंचांग विवाह की तारीख निकालते समय सौर और चंद्र मास, नक्षत्र, योग और करण देखता है. गुरु और शुक्र के अस्त होने की अवधि भी उसकी गणना में विचारणीय है.

विवाह संबंधी इन नियमों के लिए मुहूर्त चिंतामणि और धर्मसिंधु को देखना चाहिए. इसलिए सिर्फ त्योहार देखकर विवाह की तारीख चुनना पूरी मुहूर्त गणना का विकल्प नहीं है.

क्या अक्टूबर में शादी करना अशुभ है?

विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं और इस महीने होने वाली हर शादी अशुभ है क्योंकि ये एक ही बात नहीं हैं. मुहूर्त धार्मिक मान्यताओं और गणना की परंपराओं पर आधारित है. क्षेत्रीय पंचांग और परिवार की रीति में अंतर हो सकता है. हिंदू पंचांग भी स्वीकार करता है कि विवाह मुहूर्त के कुछ नियमों पर अलग-अलग मत हैं. 

अब शादी की तारीख कब तय करें?

देवउठनी एकादशी के बाद विवाह का मौसम लौटने की परंपरा है. फिर भी 20 नवंबर के बाद हर तारीख को विवाह मुहूर्त नहीं मान लेना चाहिए. जिन परिवारों में मुहूर्त देखकर फेरे होते हैं, वे विवाह स्थल के स्थानीय पंचांग और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार समय की पुष्टि कराएं. होटल, बैंक्वेट या निमंत्रण की बुकिंग से पहले यह जांच कर लेना बाद में तारीख बदलने की परेशानी बचाएगा.

FAQ

1. अक्टूबर 2026 में शादी के मुहूर्त क्यों नहीं हैं?
अक्टूबर देवशयन की अवधि में पड़ता है. चातुर्मास की परंपरा में अनेक हिंदू परिवार विवाह टालते हैं. पंचांग की अक्टूबर 2026 की विवाह सूची में भी शुभ दिन नहीं दिया गया है. क्षेत्रीय परंपराओं में अंतर हो सकता है.

2. क्या दशहरे पर बिना मुहूर्त शादी कर सकते हैं?
दशहरे को शुभ मानने भर से विवाह मुहूर्त तय नहीं होता. विवाह के लिए अलग पंचांग गणना और पारिवारिक परंपरा देखी जाती है. स्थानीय पंचांग के अनुसार तारीख और समय की पुष्टि करानी चाहिए.

3. क्या नवरात्रि में विवाह किया जा सकता है?
नवरात्रि पूजा और देवी आराधना का पर्व है. इससे विवाह का मुहूर्त अपने आप नहीं बनता. विवाह की तारीख संबंधित वर्ष के पंचांग और परिवार की धार्मिक परंपरा के अनुसार तय होती है.

4. देवउठनी एकादशी 2026 कब है?
वर्ष 2026 में देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को है. इसके बाद विवाह का मौसम लौटने की परंपरा है, लेकिन प्रत्येक तारीख विवाह के लिए उपयुक्त नहीं होती.

5. क्या विवाह मुहूर्त न होने से पूरा अक्टूबर अशुभ है?
नहीं. विवाह मुहूर्त की अनुपलब्धता का अर्थ पूरे महीने का अशुभ होना नहीं है. पूजा, व्रत और दूसरे कार्यों के नियम अलग हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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