

नई दिल्ली:
बॉलीवुड में कई ऐसे किस्से हैं जहां एक फैसला किसी स्टार की पूरी किस्मत बदल देता है. जूही चावला के करियर से जुड़ा भी ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा है. उनका करियर बदलने वाली फिल्म है आमिर खान के साथ आई ‘कयामत से कयामत तक’ इस फिल्म की खास बात ये थी कि फिल्म के लिए जूही चावला को लीड रोल के लिए खुद आमिर खान ने ही चुना था. लेकिन तब तक जूही को ये भनक तक नहीं थी कि आमिर खुद लीड रोल में होंगे. आमिर ने ऑडिशन के जरिए जूही को चुना. आमिर और जूही ही वो नाम थे जो इस फिल्म के लिए पहली पसंद थे और इनके अलावा किसी के बारे में सोचा तक नहीं गया. लेकिन जूही के लिए कम चैलेंजिंग नहीं थी ये फिल्म
गाने के लिए हुई किसिंग सीन की डिमांड
imdb पर दी गई जानकारी के मुताबिक फिल्म के गाने ‘अकेले हैं’ की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर मंसूर खान चाहते थे कि जूही, आमिर के होठों पर किस करें. जूही ने कोरियोग्राफर सुरेश भट्ट से साफ कह दिया कि वह किसिंग सीन नहीं चाहतीं. क्योंकि वह पहले दो किसिंग शॉट दे चुकी हैं और अब तीसरा नहीं करना चाहतीं. मेकर्स को जूही को मनाने में बड़ी मुश्किल हुई. आखिर में मंसूर ने जूही से कहा, क्या सही है और क्या गलत ये सोचना तुम्हारा काम नहीं है. हम पर भरोसा रखो. हम तुम्हें कुछ भी गलत करने को नहीं कहेंगे.
इस फिल्म ने बदल दी किस्मत
जूही चावला को इसके बाद आमिर खान के साथ ‘कयामत से कयामत तक’ में कास्ट किया गया. 1988 में रिलीज हुई ये फिल्म जबरदस्त हिट साबित हुई और आमिर खान के साथ-साथ जूही चावला भी रातोंरात स्टार बन गईं. फिल्म के गाने, कहानी और दोनों कलाकारों की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. इस फिल्म को क्लासिक का दर्जा मिला और आज भी लोग इसे पसंद करते हैं. वहीं गानों की बात करें तो अल्का याग्निक, उदित नारायण की आवाज में आए ये गाने आज भी रोमांटिक प्ले लिस्ट का हिस्सा हैं.
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