
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया. बैरागढ़-चंबा मार्ग पर एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे लटक गई. हादसे के वक्त बस में करीब 15 यात्री सवार थे. गनीमत रही कि बस खाई में नहीं गिरी और सभी यात्रियों की जान बच गई. इस सभी यात्रियों की सांस अटक गई.
हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. बस सड़क के किनारे ऐसी स्थिति में लटक गई कि नीचे गिरने का खतरा बना हुआ था. स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है.
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कुछ हफ्ते पहले भी इसी रूट पर हुआ था बड़ा हादसा
बैरागढ़-चंबा मार्ग पर कुछ सप्ताह पहले भी दर्दनाक बस हादसा हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी. स्थानीय लोगों के मुताबिक, उस हादसे में भी शर्मा बस शामिल थी. अब एक अन्य निजी शर्मा बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. लगातार हो रहे हादसों के बीच स्थानीय स्तर पर सड़क की स्थिति और यातायात सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
मानसून में 250 लोगों की मौत
30 जून से 29 अगस्त तक की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में मौसम संबंधी घटनाओं में 103 लोगों की मौत हुई है, जबकि 147 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई है. इस तरह मानसून अवधि में कुल मौतों का आंकड़ा 250 तक पहुंच गया है. रिपोर्ट के अनुसार, आपदा संबंधी 103 मौतों में 31 मौतें पेड़ों या खड़ी चट्टानों से गिरने, 18 भूस्खलन, 13 डूबने, 11 सर्पदंश और 10 मौतें करंट लगने से हुई हैं.
451 लोग घायल, एक अभी भी लापता
मानसून से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 451 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है. चंबा में रविवार की बस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सफर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही रही कि बस खाई में गिरने से बच गई और उसमें सवार सभी करीब 15 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है.
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