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गुरुग्राम में 25 से ज्यादा रूट पर दौड़ेगी 55 इलेक्ट्रिक बसें, SOS बटन से लेकर व्हीलचेयर लिफ्ट की व्यवस्था होगी | Gurugram 55 electric buses will operate across more than 25 routes SOS buttons to wheelchair lifts features



साइबर सिटी गुरुग्राम के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (GMCBL) के बेड़े में शामिल होने के लिए 55 नई इलेक्ट्रिक बसें सेक्टर-10 स्थित बस डिपो पहुंच चुकी हैं. इनमें से 40 बसों का विभिन्न मार्गों पर ट्रायल शुरू कर दिया गया है, जबकि शेष 15 बसों के पंजीकरण (Registration) और अन्य औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं. प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही ये बसें शहर की सड़कों पर नियमित रूप से उतर जाएंगी.

25 से अधिक रूट किए गए तय

जीएमसीबीएल (GMCBL) अधिकारियों के अनुसार, इन नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए 25 से ज्यादा प्रमुख रूट तैयार किए गए हैं. इन बसों को गुरुग्राम से दिल्ली, वल्लभगढ़ और मानेसर से द्वारका सहित शहर के विभिन्न व्यस्त मार्गों पर चलाया जाएगा. यात्रियों की मांग और संख्या के हिसाब से भविष्य में इन रूटों में बदलाव भी किया जा सकेगा.

SOS बटन से लैस होगी हर सीट

यह नई इलेक्ट्रिक बसें कई अत्याधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं. यात्रियों की सुरक्षा के लिए बस की हर एक सीट पर एसओएस (SOS) इमरजेंसी बटन लगाया गया है. किसी भी आपात स्थिति में बटन दबाने पर इसकी सूचना सीधे जीएमसीबीएल के कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी. टिकट व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और यात्रियों की सही संख्या दर्ज करने के लिए प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष हेड काउंट कैमरे लगाए गए हैं. वहीं दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में व्हीलचेयर लिफ्ट की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें चढ़ने-उतरने में कोई कठिनाई न हो.

सुरक्षा के लिहाज से इसमें तकनीकी प्रावधान किया गया है कि यदि खिड़की खुली होगी, तो बस आगे नहीं बढ़ सकेगी. नौ मीटर लंबी इन बसों का ग्राउंड क्लीयरेंस पुरानी लो-फ्लोर बसों की तुलना में अधिक रखा गया है, ताकि गुरुग्राम की ऊबड़-खाबड़ या खराब सड़कों पर भी इनका संचालन आसानी से हो सके.

बस चार्जिंग और डिपो की व्यवस्था

एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर ये इलेक्ट्रिक बसें लगभग 150 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती हैं. सेक्टर-10 बस डिपो में आधुनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जहां बनाए गए 18 चार्जिंग पॉइंट्स की मदद से एक साथ 36 बसों को चार्ज किया जा सकेगा. सामान्य मोड में बस को चार्ज होने में करीब दो घंटे और फास्ट चार्जिंग में लगभग एक घंटा लगता है. इसके अलावा सेक्टर-48 में भी एक अन्य डिपो तैयार किया गया है.

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