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कृषि विभाग के अधिकारी की गाड़ी से ACB को मिले 263500 रुपये, अवैध वसूली की मिली थी शिकायत | ACB recovers 263500 Rs from Rajasthan Agriculture Department official vehicle



Rajasthan:

जयपुर एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जयपुर AIU इकाई द्वारा गुरुवार (2 जुलाई) को शाहपुरा पुलिया, दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार्रवाई करते हुए एक टाटा सफारी वाहनको रुकवाकर उसमें सवार कृषि विभाग के अधिकारियों एवं चालक की तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान ACB की टीम को वहां कुल 2,63,500 रुपये संदिग्ध नकद राशि बरामद हुई है. माना जा रहा है कि पाई गई रकम लोगों से रिश्वत लेकर जुटाई गई थी. अब इस पूरे मामले की एसीबी की टीम जांच कर रही है. 

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई थी कि जयपुर से आई कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम भिवाड़ी कोटपूतली औद्योगिक क्षेत्र में स्थित खाद एवं कीटनाशक निर्माण ईकाइयों का निरीक्षण कर रही है. निरीक्षण की कार्रवाई का भय दिखाकर संबंधित औद्योगिक ईकाइयों से अवैध रूप से धनराशि की वसूली कर रही है.

दो बैग से बरामद हुई लाखों की राशि

प्राप्त सूचना के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उप महानिरीक्षक पुलिस-प्रथम डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में विशेष अनुसंधान इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री महावीर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर शाहपुरा पुलिया, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर निगरानी रखी गई. इस दौरान संदिग्ध टाटा सफारी वाहन को रुकवाकर उसमें सवार अधिकारियों एवं चालक की विधिवत तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान कृषि अधिकारी महेश कुमार मीणा के बैग से 1,48,500 रुपये तथा कृषि अधिकारी चन्दा राम गुर्जर के बैग से 1,15,000 रुपये की संदिग्ध नकद राशि बरामद हुई. 

वाहन में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव एवं कृषि विभाग के चालक रमेश चन्द्र मीणा भी सवार थे, जिनकी भी नियमानुसार तलाशी ली गई. इस प्रकार कुल 2,63,500 रुपये की संदिग्ध नकद राशि बरामद की गई.

वसूली को लेकर अधिकारी से हो रही पूछताछ

बरामद नकद राशि के स्रोत, औद्योगिक इकाइयों से कथित अवैध वसूली तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका के संबंध में गहन पूछताछ एवं अनुसंधान किया जा रहा है. एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के निर्देशन में अग्रिम अनुसंधान एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई जारी है.

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