धर्म

करौली शंकर जी महाराज को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने राष्ट्रीय मीडिया संयोजक


Karauli Shankar Ji Maharaj: सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने करौली शंकर जी महाराज को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक नियुक्त किया है.

इस नियुक्ति को परिषद की मीडिया रणनीति को मजबूत बनाने और देश-विदेश में सनातन संस्कृति के प्रभावी प्रचार की दिशा में अहम फैसला माना जा रहा है. सोशल मीडिया पर जारी नियुक्ति संबंधी पोस्टर के अनुसार, करौली शंकर जी महाराज अब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से मीडिया और जनसंपर्क से जुड़े कार्यों का समन्वय करेंगे.

परिषद का मानना है कि उनकी आध्यात्मिक दृष्टि और जनसंपर्क क्षमता धर्म एवं संस्कृति के संदेश को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाने में सहायक होगी.

कौन हैं पूज्य श्री करौली शंकर जी महाराज?

पूज्य श्री करौली शंकर जी महाराज देश के चर्चित आध्यात्मिक गुरु और कथावाचक माने जाते हैं. वे सनातन धर्म, वैदिक परंपराओं, श्रीराम कथा, श्रीमद्भागवत कथा और शिव भक्ति पर आधारित प्रवचनों के लिए जाने जाते हैं. उनके प्रवचन सरल भाषा, जीवन प्रबंधन और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े संदेशों के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय हैं.

करौली शंकर जी महाराज विभिन्न धार्मिक आयोजनों, कथा कार्यक्रमों और आध्यात्मिक सम्मेलनों के माध्यम से समाज में नैतिकता, संस्कार, पारिवारिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते रहे हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर भी उनके प्रवचनों को लाखों लोग देखते और सुनते हैं.

क्या है अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद?

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद भारत के विभिन्न मान्यता प्राप्त सनातन अखाड़ों का सर्वोच्च संगठन माना जाता है. परिषद का गठन संत समाज के समन्वय, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और सनातन संस्कृति के प्रचार के उद्देश्य से किया गया था.

महाकुंभ, कुंभ और अर्धकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में अखाड़ा परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. संत समाज से जुड़े अनेक अहम निर्णय भी परिषद के स्तर पर लिए जाते हैं.

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राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की क्या होती है जिम्मेदारी?

राष्ट्रीय मीडिया संयोजक का दायित्व संगठन की गतिविधियों, धार्मिक कार्यक्रमों और आधिकारिक संदेशों को मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना होता है.

इसके साथ ही संगठन की मीडिया रणनीति तैयार करना, पत्रकारों और विभिन्न संचार माध्यमों से समन्वय स्थापित करना तथा सनातन धर्म से जुड़े सकारात्मक संदेशों का व्यापक प्रसार करना भी इस पद की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल माना जाता है.

सनातन प्रचार को मिल सकती है नई मजबूती

धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि करौली शंकर जी महाराज की लोकप्रियता और संचार क्षमता को देखते हुए यह नियुक्ति परिषद की मीडिया पहुंच को और मजबूत बना सकती है.

डिजिटल युग में धार्मिक संगठनों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है. ऐसे में राष्ट्रीय मीडिया संयोजक के रूप में उनकी भूमिका संगठन के संदेश को देश और विदेश तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से की गई यह नियुक्ति सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रचार-प्रसार को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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