
डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदर्श विद्यालयों से ही नई पीढ़ी संस्कारित होगी. शिक्षा के नए प्रकल्पों की शुरुआत इस दिशा में एक शुभ संकेत है. विद्यालय व्यक्तिगत मान अपमान के लिए नहीं होते है. यहां पर सब लोग एक समान रुप में शिक्षा ग्रहण करते है. गुरु सांदीपनि की परंपरा का निर्वहन करते हुए उज्जैन से कृष्ण और सुदामा की नई पीढ़ी निकलेगी. डॉ. यादव रविवार को उज्जैन के जियापुरा में विद्या भारती की मानव बाल कल्याण समिति (विद्याभारती) के द्वारा निर्मित होने वाले बहुउद्देशीय महाकालपुरम प्रकल्प के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में महाअष्टमी के दिन शिक्षा के एक नए चरण की शुरुआत हो रही है. पहले से ही उज्जैन में दो सरस्वती शिशु मंदिर संचालित हो रहे है जो कि मध्यप्रदेश बोर्ड के अधीन है. यह नया प्रकल्प सीबीएसई के अनुसार शिक्षण प्रदान करेगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रकल्प के लिए पूर्व में स्वीकृत किए गए 75 लाख के अलावा 1.25 करोड़ रूपये स्वीकृत करने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकालपुरम का शिलान्यास एवं भूमि-पूजन किया.
इस अवसर पर संबोधित करते हुए सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि विद्या भारती ऐसी संस्था है जहां पर बच्चों को सर्वांगीण विकास होता है. सांसद फिरोजिया ने कहा कि मैं भी सरस्वती शिशु मंदिर का छात्र रहा हूं. यह ऐसी संस्था है जो छात्रों को अच्छा आचरण, संस्कार व नैतिकता का पाठ पढ़ाती है.