
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर 168 एकड़ जमीन की खरीद के आरोप लग रहे हैं. इसको लेकर कांग्रेस जमकर निशाना साध रही है. इस बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेस कर हमला बोला है. इस दौरान उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. जीतू पटवारी ने कहा, “अयोध्या में चंदा चोरी, महाकाल में जमीन लूट है.”
उन्होंने कहा, “पूरे देश में चर्चा है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सीएम बनने के बाद सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी.” उन्होंने आगे कहा, “इस मामले को 30 घंटे बीत चुके हैं. कांग्रेस पार्टी ने कल सार्वजनिक रूप से भारतीय जनता पार्टी, पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी के अध्यक्ष और मोहन यादव से सवाल पूछे. इस पर 30 घंटे तक कोई जवाब नहीं मिला लेकिन अब एक जवाब आया है. हमारा सवाल जमीन का था, लेकिन वह बात जाति की करने लगे. जवाब आया कि ओबीसी का मुख्यमंत्री कांग्रेस को पच नहीं रहा.”
मोदी सरकार पर जीतू पटवारी का तीखा हमला
जीतू पटवारी ने आगे कहा, “न खाऊंगा न खाने दूंगा. न मेरे कोई आगे है न मेरे पीछे. देशवासियों मुझ पर भरोसा करो कांग्रेस से भ्रष्ट पार्टी कोई नहीं हो सकती ऐसी बातें करके लोगों का भरोसा जीतने वाले प्रधानमंत्री को क्या अब मोहन यादव के इतने बड़े घटनाक्रम से देश को अवगत नहीं कराना चाहिए.”
उन्होंने आगे कहा, “30 घंटे तक बीजेपी के कानों में जू नहीं रेंगी. इसका मतलब बीजेपी यह कहना चाहती है कि जो रिपोर्ट आई वो गलत है. तो फिर जिन्होंने यह रिपोर्ट सार्वजनिक की उसके खिलाफ तो एफआईआर कर देना चाहिए. अगर आप देश-प्रदेश को जवाब नहीं दोगे, जिस तरह की बातें देश में, मध्य प्रदेश में चल रही है जिससे सोशल मीडिया भरा पड़ा है.”
‘बीजेपी का सभी तंत्र इससे जुड़ा है’
उन्होंने कहा, “अगर इसका मतलब बीजेपी मौन है तो दाल में कुछ काला है. इसमें सिर्फ मोहन यादव नहीं बल्कि ऊपर तक बीजेपी का सभी तंत्र इससे जुड़ा हुआ है. एक मुख्यमंत्री पर बहुत बड़ी जवाबदेही रहती है. उनके पास एक विभाग है सामान्य प्रशासन विभाग, दूसरा गृह विभाग, तीसरा जेल, चौथा विभाग उद्योग निवेश प्रोत्साहन, पांचवा विभाग नर्मदा विकास घाटी, छठा विमानन, सातवां विभाग खनिज, आठवां विभाग विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी, नौवां विभाग विधि-विधायी, दसवां विभाग प्रवासी भारती, ग्यारहवां जनसंपर्क और इन सब विभागों के ऊपर है आनंद विभाग इन सब विभागों का आनंद लो.”
जीतू पटवारी ने किए यह 5 सवाल
उन्होंने आगे बताया कि मेरे मुख्यमंत्री के पास 12 विभाग हैं अब बीजेपी से यह सवाल किए गए क्या मुख्यमंत्री के बनने के बाद जो आरोप लगे हैं क्या परिवार ने जमीन खरीदी है या नहीं? सामान्य बात है इसका जवाब देना चाहिए.
वहीं दूसरा सवाल किया कि क्या यह सच है इस जमीन में बड़ा हिस्सा उन क्षेत्रों में स्थिति है जहां बाद में सड़क, कॉरिडोर और विकास योजनाएं सरकार ने चिन्हित की? तीसरे सवाल में जीतू पटवारी ने पूछा कि क्या सरकार उन सभी परियोजनाओं की टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी. उन्होंने चौथा सवाल किया कि अगर सब कुछ पारदर्शी है तो बीजेपी स्वतंत्र न्यायिक जांच करा सकती है क्या?
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उन्होंने आगे पूछा कि क्या सरकार करा सकती है या पीएम मोदी ईडी, सीबीआई भेज सकते हैं क्या? वहीं उन्होंने पांचवां सवाल पूछा कि क्या मुख्यमंत्री अपने परिवार की 2023 के बाद की सभी जमीन को श्वेत पत्र जारी कर सकते हैं क्या? उन्होंने कहा, “30 घंटे बाद प्रदेश ईकाई के अध्यक्ष आए और उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ओबीसी जाति का मुख्यमंत्री पच नहीं रहा है. यह जवाब बीजेपी की तरफ से आधिकारिक आया है.”
यह साफ है कि भ्रष्टाचार हुआ है- जीतू पटवारी
जीतू पटवारी ने आगे कहा, “यह स्पष्ठ है कि भ्रष्टाचार हुआ है. यह पहली सीरीज है. एक मीडिया हाउस द्वारा 6 विभागों के करप्शन पर स्टिंग किया था जिसमें कर्मचारियों और अधिकारियों का खुल्ला लेन-देन हो रहा है. एक हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार ट्रांसफर इंडस्ट्री चलाकर मुख्यमंत्री के सानिध्य में हुआ है और यह आरोप नहीं बल्कि इसका खुलासा हो चुका है.” उन्होंने कहा, “सवाल यह है कि जो 5 सवाल मुख्यमंत्री से पूछे अगर वे इनका जवाब सरलता से दे दें या बीजेपी दे दे तब तो एक बात समझ आती है. लेकिन अगर वे नहीं देते हैं तो स्वभाविक है.”
जीतू पटवारी ने किया चौंकाने वाला खुलासा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उज्जैन में 500 करोड़ की जमीन सिर्फ 1 रुपये में एक ट्रस्ट को दे दी गई. इस ट्रस्ट का ट्रस्टी मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार हैं तो आखिर पीएम मोदी किस उद्देश्य यह कहते हैं कि ‘न खाऊंगा न खाने दूंगा.’
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