

अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर जोरदार हमले किए हैं. इन हमलों में ईरान के अंदर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पुल को निशाना बनाया गया है. यानी अमेरिकी सेना ईरान के नागरिक ढांचों (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को तबाह कर रही है. वहीं जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए. कतर की राजधानी दोहा में शुक्रवार, 17 जुलाई के तड़के सुबह कई धमाकों की आवाज सुनने की खबर है.
बता दें कि दुनिया में तेल व्यापार के लिए बेहद अहम होर्मुज को लेकर फिर से लड़ाई शुरू हो गई है. यह लड़ाई उस शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर होने के सिर्फ 20 दिन बाद फिर भड़क गई, जिसका मकसद इस संघर्ष को खत्म करना था. यह संघर्ष फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर बड़े हमलों के बाद शुरू हुआ था.
लगातार छठी रात ईरान का हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने गुरुवार शाम को फिर बताया कि वह ईरान की सैन्य ताकत को और कमजोर करने के लिए नए हमले कर रहा है. यह लगातार छठी रात थी जब अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमला किया. ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, देश के दक्षिणी हिस्से में दो पुलों, एक रेलवे स्टेशन और एक एयरपोर्ट पर हमले हुए. यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज के पास है, जहां से दुनिया भर में तेल और गैस की बड़ी सप्लाई होती है- दुनिया में कुल तेल-गैस सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत.
ईरान के सरकारी टीवी ने टेलीग्राम पर बताया कि होर्मोजगान प्रांत में पुलों पर हुए हमले में तीन लोगों की मौत हो गई. इससे पहले तेहरान के सरकारी टीवी ने बताया था कि पश्चिमी शहर बुशेहर में दो धमाके हुए. यहां ईरान का एकमात्र नागरिक परमाणु बिजलीघर (न्यूक्लियर पावर प्लांट) है. रिपोर्ट में इन धमाकों को “अमेरिकी दुश्मन की लगातार जारी आक्रामकता” बताया गया. इससे पहले तेहरान ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के बिजलीघरों और पुलों पर हमला करने की अपनी धमकी को सच करते हैं, तो ईरान पूरे क्षेत्र के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा. हालांकि, व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप अब भी बातचीत के लिए तैयार हैं.
अब ईरान के निशाने पर कतर
भले ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिका के मिलिट्री बेस पर कई बार हमले किए हैं, लेकिन हाल के दिनों में उसने कतर पर हमला करने से परहेज किया था. अब जंग के बढ़ने के साथा ईरान ने शुक्रवार तड़के सुबह कतर की राजधानी को निशाना बनाया. दोहा में तेज धमाके की आवाज सुनी गई.
बता दें कि कतर के ईरान के साथ काफी अच्छे संबंध हैं. इस पूरे टकराव के दौरान बातचीत में अहम भूमिका निभाता रहा है. इस हफ्ते की शुरुआत में, कतर ने फारस की खाड़ी इलाके और पूरे मिडिल ईस्ट में अरब देशों पर ईरान के लगातार हमलों की निंदा की थी.





