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अभिषेक बनर्जी बोले-बागी दीदी को जॉइन करें, मैं एक घंटे में रिजाइन कर दूंगा | Abhishek Banerjee said If ‘Rebel joins Didi, I will resign within an hour



TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा ने कहा कि अगर वे लोग, जो मेरे विरोध में टीएमसी छोड़कर गए थे, वापस पार्टी में आ जाएं तो मैं एक घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा. बागी विधायकों और सांसदों का नाम लिए बिना अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कुछ नेताओं ने टीएमसी छोड़ने का फैसला उस समय किया था, जब पार्टी सत्ता में नहीं थी और उन पर विभिन्न तरह के दबाव बनाए जा रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेताओं को प्रशासन और जांच एजेंसियों द्वारा उकसाया जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने पार्टी का साथ छोड़ दिया था.

अभिषेक ने कहा कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहकर संघर्ष किया और जनता का भरोसा बनाए रखा.

कुछ नेताओं ने भाजपा के साथ समझौता किया था : अभिषेक बनर्जी

बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि टीएमसी छोड़ने वाले कुछ नेताओं ने भाजपा के साथ समझौता किया था. उन्होंने कहा कि इन नेताओं को पार्टी छोड़ने, अलग गुट बनाने या भाजपा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया. अभिषेक ने दावा किया कि उन्हें केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई की कार्रवाई से राहत का भरोसा दिया गया और बदले में उनसे उनके खिलाफ बयानबाजी करने और उनकी छवि खराब करने को कहा गया.

TMC के कई नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली

TMC के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व और संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का आरोप है कि मौजूदा संकट की एक बड़ी वजह संगठन के भीतर बढ़ता असंतोष और नेतृत्व को लेकर मतभेद हैं. सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक जैसे वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली.

दूसरी ओर, काकोली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में टीएमसी के 20 सांसदों ने अलग गुट बनाकर एनडीए को समर्थन देने का दावा किया है. इस गुट में शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बसुनिया, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, शताब्दी रॉय, जून मालिया, माला रॉय, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, बापी हलदार, मिताली बाग, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, असित मल, देव अधिकारी और पार्थ भौमिक समेत कई सांसदों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं.

इधर, एनसीपीआई (NCPI) को एक अलग राजनीतिक दल के रूप में मान्यता देने की प्रक्रिया को सरकार की ओर से समर्थन मिल गया है. सुदीप बंद्योपाध्याय को लोकसभा में एनसीपीआई का नेता और डॉ. काकोली घोष दस्तिदार को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के रूप में मान्यता दी गई है. सरकार की ओर से उन्हें सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भी भेजा गया है.
 

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