खबर

अफगानिस्तान की संप्रभुता व अखंडता को अटूट समर्थन… भारत ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की | India strongly condemned Pakistan airstrikes said unwavering support for Afghanistan sovereignty and integrity



अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों पर भारत ने कड़ा बयान जारी किया है. भारत ने अफगानिस्तान के इलाके में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है. इसके साथ ही अफगानिस्तान की संप्रभुता को अपना अटूट समर्थन किया है. साथ ही अफगानिस्तान की जनता के प्रति अपनी संवेदना भी जाहिर की है.

भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान 

भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘भारत अफगानिस्तान के इलाके में पाकिस्तान के उन हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है. जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत कई आम नागरिकों की जान गई है. पाकिस्तान की यह खुली आक्रामकता अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए सीधा खतरा है. यह पाकिस्तान के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के लगातार जारी रहने और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा की हताशपूर्ण हरकतों के जरिए अपनी अंदरूनी नाकामियों को बाहरी रूप देने की उसकी बेकार कोशिश को दर्शाता है. भारत उन अफगान परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है, घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता है और अफगानिस्तान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपने अटूट समर्थन को दोहराता है.’

पाकिस्तान ने कब किया हमला

पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) के जेट विमानों ने रविवार रात 12:30 बजे उड़ान भरी और अफगानिस्तान के तीन जिलों- पक्तिका में ग्यान, पक्तिया में चमकाणी और कुनार में मारवारा- में घरों और मस्जिदों पर हमले किए. पूरी तरह सोची-समझी सैन्य क्रूरता दिखाते हुए पाकिस्तान सेना ने कुख्यात ‘डबल-टैप’ रणनीति का इस्तेमाल किया. पहली बमबारी के ठीक 25 मिनट बाद, रात 12:55 बजे जब ग्रामीण पहले हमल के मलबे में फंसी महिलाओं और चीखते-चिल्लाते बच्चों को बाहर निकालने के लिए दौड़े, तो पाकिस्तानी जेट वापस आए और निहत्थे बचावकर्ताओं पर फिर से बमबारी की. जान-बूझकर किए गए इस दूसरे हमले के कारण ही मरने वालों की संख्या तेजी से 35 से ऊपर पहुंच गई और सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए.

ये डबल टैप हमला क्या है

‘डबल टैप’ एक मिलिट्री शब्द है जिसका इस्तेमाल किसी शुरुआती हमले के कुछ ही देर बाद उसी जगह पर जान-बूझकर किए गए दूसरे हमले के लिए किया जाता है. यह एक बहुत ही विवादित और अक्सर निंदा की जाने वाली रणनीति है क्योंकि दूसरा हमला जान-बूझकर ऐसे समय में किया जाता है जब इमरजेंसी रिस्पॉन्डर, मेडिकल स्टाफ और पत्रकार मौके पर मदद के लिए पहुंच रहे होते हैं.

यह भी पढ़ें-

VIDEO: वेनेजुएला भूकंप त्रासदी के बीच कुदरत का करिश्मा; 96 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकले पिता-पुत्र




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button