
आपने सावन सोमवार या सोलह सोमवार व्रत का संकल्प पहले से लिया है और व्रत शुरु करने के बाद उसी दिन मासिक धर्म शुरू हो जाए, तो सामान्य धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत को बीच में नहीं छोड़ना उचित नहीं है.

पीरियड्स में व्रत जारी रख सकती हैं लेकिन शिवलिंग का स्पर्श, जलाभिषेक, पूजन की सामग्री को न छुएं, मंदिर में जाकर पूजा या हवन न करें.नित्यकर्म पूजा पुस्तक, धर्मसिंधु और निर्णय सिंधु में रजस्वला स्त्री के लिए कुछ धार्मिक कर्मों से विराम रखने का वर्णन मिलता है.

सावन सोमवार व्रत में मूर्ति स्पर्श की मनाही है लेकिन मानसिक पूजा जरुर कर सकती है. शास्त्रों में मानस पूजा को अधिक महत्व दिया गया है. इसमें मंत्र जाप, ध्यान कर सकते हैं.

पीरियड्स के दौरान आप शिव पुराण, सावन सोमवार व्रत कथा या भगवान शिव मंत्र जप करना और ध्यान लगा सकती है.इससे व्रत का भाव बना रहता है.

मान्यता अनुसार व्रत सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है. इस दौरान व्यक्ति को मन और व्यवहार दोनों से संयम रखना चाहिए. किसी की बुराई करना, अपशब्द बोलना या झगड़ा करना व्रत के नियमों के खिलाफ माना जाता है.

सावन सोमवार व्रत के दौरान आप साबूदाना खिचड़ी, मखाने की खीर, मौसमी फल, सूखे मेवे, शकरकंद, अरबी, सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं.
Published at : 30 Jul 2026 01:36 PM (IST)
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