

Petrol-Diesel Export Duty: पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ के एक्सपोर्ट पर लगने वाली विशेष ड्यूटी को लेकर सरकार ने नई दरें जारी कर दी हैं. वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने 30 सितंबर 2026 को दो अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए हैं. इनके मुताबिक, डीजल के एक्सपोर्ट पर 20 रुपये की बजाय अब 16 रुपये प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) लागू होगी.
वहीं ATF पर एक्साइज ड्यूटी 15 रुपये से घटाकर 10.50 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स को 50 पैसे प्रति लीटर पर बरकरार रखा गया है. यानी इसे न कम किया गया है और न ही बढ़ाया गया है. सरकार का ये कदम दर्शाता है कि देश में पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल पर्याप्त मात्रा में है.
टैक्स की नई दरें 1 अक्टूबर से लागू
पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर एक्साइज ड्यूटी गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी. सरकार की अधिसूचना संख्या 52/2026-सेंट्रल एक्साइज के मुताबिक, 1 अक्टूबर से डीजल के एक्सपोर्ट पर कुल 16 रुपये प्रति लीटर की SAED लगेगी. इसमें SAED 16 रुपये और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) शून्य रखा गया है.
वहीं, एटीएफ के एक्सपोर्ट के लिए अधिसूचना संख्या 53/2026-सेंट्रल एक्साइज जारी की गई है. इसके तहत 1 अक्टूबर से एटीएफ पर 10.5 रुपये प्रति लीटर SAED लागू होगी.
पेट्रोल पर ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं
पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 0.5 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी पहले की तरह बनी रहेगी. यानी 30 सितंबर को जारी नई अधिसूचनाओं में पेट्रोल की एक्सपोर्ट लेवी में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
हर 15 दिन में होती है समीक्षा
सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाली एक्सपोर्ट लेवी की हर पखवाड़े समीक्षा करती है. इसके लिए पिछली समीक्षा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की औसत कीमतों को आधार बनाया जाता है.
इससे पहले 16 सितंबर 2026 को इन दरों में संशोधन किया गया था. 30 सितंबर को जारी अधिसूचनाओं में अगले पखवाड़े यानी 1 अक्टूबर से लागू होने वाली दरें तय की गई हैं.
मार्च 2026 में शुरू हुई थी एक्सपोर्ट लेवी
सरकार ने 27 मार्च 2026 से पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट पर ये लेवी लागू की थी. इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में संकट की पृष्ठभूमि में पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट को हतोत्साहित करना और घरेलू बाजार में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना था.
इसके बाद से इन दरों की हर 15 दिन में समीक्षा की जा रही है.
क्या पेट्रोल-डीजल के घरेलू दाम बदलेंगे?
इस नोटिफिकेशन का सीधा संबंध एक्सपोर्ट किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों से है. ये घरेलू इस्तेमाल के लिए पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में बदलाव नहीं है.
इसलिए सिर्फ इन अधिसूचनाओं के आधार पर घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में सीधे बदलाव नहीं माना जा सकता. नई दरें एक्सपोर्ट के लिए भेजे जाने वाले डीजल और एटीएफ पर लागू होंगी.
यह भी पढ़ें : सावधान! दिल्ली-NCR में कल से PUC नहीं तो पेट्रोल नहीं, प्रदूषण को लेकर सख्त नियम लागू





