
- मानसून से निपटने के लिए सरकार की पूरी तैयारी बताई, दिए निर्देशय.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और पूर्व बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा का बार-बार लीक होना देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी शासन में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस तरह की घटनाएं नहीं हुईं. पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कार्यकाल के दौरान हुए पेपर लीक का भी जिक्र किया.
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सीएम सुक्खू ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कार्यकाल के दौरान हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग और पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक हुए थे. इसी कारण कांग्रेस सरकार को हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग को भंग करना पड़ा. सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने NEET परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) बसों में आने-जाने की मुफ्त व्यवस्था की है, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
बता दें कि NEET के अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए HRTC की साधारण बसों में नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी. इस यात्रा के लिए अभ्यर्थियों को अपना NEET प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) साथ रखना अनिवार्य होगा ताकि सुविधा का दुरुपयोग न हो सके.
BBMB में हिस्सेदारी पर हिमाचल का दावा
मुख्यमंत्री ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और हिस्सेदारी को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल को 7.19 प्रतिशत हिस्सा देने की बात कही है और राज्य सरकार इस अधिकार को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में पंजाब और राजस्थान सरकारों से बातचीत चल रही है, जबकि हरियाणा सरकार से भी जल्द चर्चा की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को कोर्ट में शपथ पत्र देकर हिमाचल के हक का समर्थन करना चाहिए, ताकि प्रदेश को उसका वैधानिक हिस्सा मिल सके.
मानसून से निपटने को तैयार सरकार
इसके अलावा मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सरकार ने काफी सीख ली है और अब प्रदेश पूरी तरह मानसून सीजन से निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान रिकॉर्ड समय में वैली ब्रिज स्थापित कर सड़कों को बहाल किया गया और इस बार भी प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मानसून के दौरान जन-धन की हानि को न्यूनतम रखना और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं पुनर्वास कार्य सुनिश्चित करना है.
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