

Plot vs Flat Investment: प्रॉपर्टी खरीदने का फैसला ज्यादातर लोगों के लिए आसान नहीं होता. खासकर तब, जब आपके सामने दो ऑप्शन हों जमीन लें यानी प्लॉट या तैयार फ्लैट. अक्सर लोगों को लगता है कि जमीन हमेशा ज्यादा रिटर्न देती है, जबकि कुछ लोग फ्लैट को बेहतर मानते हैं क्योंकि उसमें तुरंत रहा जा सकता है या किराए पर देकर कमाई शुरू की जा सकती है. लेकिन असल में दोनों प्रॉपर्टी के अपने फायदे हैं.
ऐसे में सवाल यह नहीं है कि प्लॉट या फ्लैट में से कौन हमेशा बेहतर है, बल्कि यह है कि आपकी जरूरत और निवेश के लक्ष्य के हिसाब से कौन-सा ऑप्शन सही बैठता है.
प्लॉट खरीदने का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
जमीन खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपके पास कंस्ट्रक्शन की आजादी रहती है. आप किसी बने-बनाए मकान या बिल्डर के डिजाइन पर नहीं बल्कि जब आपको सही लगे और बजट इजाजत दे, तब उस जमीन पर अपना घर बनवा सकते हैं.
अगर अभी घर बनाने की जरूरत नहीं है तो आप प्लॉट को लंबे समय तक निवेश के तौर पर भी रख सकते हैं. खासकर ऐसे इलाकों में जहां नई सड़कें, बेहतर कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और आने वाले समय में डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स आ रही हों, वहां जमीन की कीमत बढ़ने की संभावना हो सकती है. हालांकि, यह रिटर्न हर जगह एक जैसा नहीं होता.
फ्लैट खरीदने का फायदा क्या है?
फ्लैट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उसका इस्तेमाल तुरंत शुरू किया जा सकता है. अगर आपने रहने के लिए तैयार फ्लैट खरीदा है तो आप उसमें तुरंत रह सकते हैं. वहीं, अगर इसे निवेश के लिए खरीदा है तो उसमें किरायेदार आने के बाद रेगुलर रेंटल इनकम शुरू हो सकती है.
यही वह फायदा है जो खाली जमीन में आमतौर पर नहीं मिलता. प्लॉट सिर्फ अपने पास रखने से हर महीने कोई रेगुलर इनकम नहीं होती, जबकि फ्लैट से किराया कमाने का ऑप्शन रहता है.
प्लॉट और फ्लैट में लोन किसे आसानी से मिलता है?
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले लोन और फाइनेंसिंग को समझना भी जरूरी है. बैंक तैयार रिहायशी फ्लैट के लिए होम लोन आमतौर पर खाली प्लॉट की तुलना में आसानी से उपलब्ध कराते हैं. हालांकि, लोन की शर्तें, लोन-टू-वैल्यू रेशियो और रीपेमेंट की शर्तें बैंक और प्रॉपर्टी के प्रकार के हिसाब से अलग हो सकती हैं.अगर आप प्रॉपर्टी खरीदने के लिए बड़ा बैंक लोन ले रहे हैं, तो यह अंतर समझना आपके लिए बहुत जरूरी है
किसमें ज्यादा रिटर्न मिलेगा?
सिर्फ यह सोचकर जमीन खरीदना सही नहीं है कि प्लॉट की कीमत हमेशा तेजी से बढ़ेगी. अगर किसी इलाके में डेवलपमेंट रुक गया या वहां मांग नहीं बढ़ी तो जमीन कई साल तक उसी कीमत के आसपास रह सकती है. इसी तरह किसी ऐसे बाजार में फ्लैट खरीदना जहां जरूरत से ज्यादा सप्लाई है, वहां उसकी कीमत तेजी से बढ़े यह भी जरूरी नहीं है.
इसलिए रिटर्न का फैसला सिर्फ लोगों की बातों या किसी इलाके को देखकर न करें. कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, आसपास की मांग और फ्यूचर को ध्यान में रखें.
फ्लैट में मेंटेनेंस चार्ज, लेकिन प्लॉट भी पूरी तरह फ्री नहीं
फ्लैट खरीदने पर हर महीने सोसाइटी मेंटेनेंस चार्ज देना पड़ सकता है. इसके अलावा बिल्डिंग और सोसाइटी से जुड़े दूसरे खर्च भी हो सकते हैं.
प्लॉट में इस तरह का मंथली सोसाइटी मेंटेनेंस नहीं होता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जमीन की कोई जिम्मेदारी नहीं है. मालिक को प्रॉपर्टी की सिक्योरिटी, लागू टैक्स और जमीन पर अवैध कब्जे यानी एन्क्रोचमेंट से बचाव का ध्यान रखना पड़ता है.
आपके लिए प्लॉट सही है या फ्लैट?
अगर आप तुरंत शिफ्ट होना चाहते हैं, बिना किसी झंझट के खुद का घर चाहते हैं या हर महीने किराए से कमाई करना चाहते हैं तो फ्लैट खरीदने का ऑप्शन ज्यादा बेहतर हो सकता है.
वहीं, अगर आप लंबे समय के लिए पैसा इन्वेस्ट करना चाहते हैं, अभी कमाई की जल्दी नहीं है रेगुलर इनकम की जरूरत नहीं है और भविष्य में कीमत बढ़ने का फायदा उठाना चाहते हैं तो प्लॉट पर लेने की सोच सकते हैं.
प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट के लिए जमीन और फ्लैट दोनों अच्छे ऑप्शन हो सकते हैं, लेकिन दोनों का काम अलग है और दोनों से मिलने वाला फायदा अलग है. इसलिए पहले यह सोचें कि अगले 10-20 सालों में आपकी जरूरत क्या होगी.आपका जवाब जितना साफ होगा, प्लॉट और फ्लैट के बीच सही ऑप्शन चुनना उतना ही आसान होगा.
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