
हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक और परिचालक 20 दिन से लगातार गेट मीटिंग कर सरकार को 24 जून तक सभी वित्तीय देनदारियों को अदा करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. आज (20 जून) भी चालक परिचालक यूनियन ने शिमला ओल्ड बस स्टैंड में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को दोहराया है. HRTC ड्राइवर कंडक्टर यूनियन ने 24 जून तक सभी मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो चालक परिचालक 25 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे और चक्का जाम करेंगे.
साढ़े तीन साल में सरकार ने निगम कर्मचारियों का सिर्फ किया शोषण
शिमला मे यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि साढ़े तीन साल में सरकार ने निगम कर्मचारियों का सिर्फ शोषण किया है. 75 महीने का नाइट ओवर टाइम का एरियर यानी लगभग 150 करोड़, 2016 से लंबित पे रिवीजन का एरियर, डीए का बकाया, 4-9-14 पे स्केल का लाभ आज तक नहीं दिया गया है. इसके अलावा चार भर्तियां लंबित हैं और आठ महीने से प्रमोशन प्रक्रिया भी ठप पड़ी है. कर्मचारियों ने सैलरी में लगातार देरी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि वेतन कभी 5, कभी 10 तो कभी 12 तारीख को मिलता है.
1 तारीख को सैलरी खाते में न आने पर नहीं किया जाएगा बसों का संचालन
अब हर 1 तारीख को सैलरी खाते में न आने पर बसों का संचालन नहीं किया जाएगा. यूनियन ने 24 जून तक ओवरटाइम नाइटड्यूटी, वर्दी, प्रमोशन समेत सभी मांगें पूरी करने की समय सीमा दी है. मांगें नहीं माने जाने पर 25 जून से एचआरटीसी के पहिये जाम कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का एलान किया गया है.
इससे पहले भी यूनियन ने हर माह की पहली तारीख को वेतन जारी न करने की स्थिति में चक्का जाम की धमकी दी थी. उसके बाद से सरकार पहली तारीख की ही HRTC चालकों परिचालकों को वेतन जारी कर रही है.