
उत्तर भारत में मॉनसून का इंतजार चल रहा है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. वीकेंड पर होटलों में कमरों की बुकिंग 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि हफ्ते के अन्य दिनों में 60-70 प्रतिशत बुकिंग हो रही है.
फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन्स के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि मनाली, शिमला, धर्मशाला, डलहौजी, कसौली और चैल जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर अच्छी भीड़ है. इसके अलावा पर्यटक लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे दूरदराज के आदिवासी जिलों में भी पहुंच रहे हैं.
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स्थानीय रीति-रिवाजों का सम्मान करें
ठाकुर ने पर्यटकों से अपील की कि वे देवभूमि हिमाचल की सुंदरता का आनंद लेते हुए स्थानीय रीति-रिवाजों, संस्कृति और परंपराओं का पूरा सम्मान करें. उन्होंने कहा कि एडवेंचर टूरिज्म से लेकर धार्मिक टूरिज्म तक हिमाचल में हर तरह के पर्यटन की संभावनाएं हैं.
ट्रैफिक जाम और कम खर्च करने वाले पर्यटक
पीक सीजन में ट्रैफिक जाम सबसे बड़ी समस्या बन गया है. ठाकुर ने कहा कि जाम वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने से समस्या कुछ हद तक कम की जा सकती है. गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच छोटी-मोटी बहस की घटनाएं भी हो रही हैं.
सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था और भारी पुलिस तैनाती से सुरक्षा का माहौल बनेगा और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगेगा. हिमाचल सरकार और पर्यटन विभाग भी पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.
शिमला मॉल रोड के एक दुकानदार रंजीत ने बताया कि भीड़ तो है, लेकिन खर्च करने वाले पर्यटक कम आ रहे हैं. ज्यादातर पर्यटक उत्तर भारत से आ रहे हैं, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र से अपेक्षाकृत कम संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं.